सोलर फेंसिंग से अब नहीं
होगा बगीचों का नुकसान
मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना में 80 फीसदी का अनुदान
प्रदेश सरकार की ओर से लाहौल को मिले 50 लाख
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। हिमाचल केे बागवान अपने बगीचों की सोलर फेंसिंग कर जंगली जानवरों के नुकसान से बचा सकेंगे। मवेशियों को खुले में छोड़ने तथा जंगली जानवर अकसर खेत खलियानों को नुकसान पहुंचाते आ रहे हैं। ऐसे में किसान-बागवानों को परेशान होना पड़ता है। अब मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना का लाभ लेने से अब यह नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। बगीचों में सोलर फेंसिंग किए जाने पर पैनल से करंट आने के झटके से जानवर बगीचों में नहीं घुस सकेंगे।
सरकार की ओर से इस योजना का लाभ लेने के लिए 80 फीसदी अनुदान राशि की व्यवस्था की है। लाभार्थी को मात्र 20 प्रतिशत की राशि लगानी होगी। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना में कृषि विभाग लाहौल के खाते में 50 लाख की राशि जारी कर दी है। विभाग ने सीजन खुलते इस कार्य को शुरू करने का फैसला लिया है। बाकायदा इस योजना का लाभ लेने के लिए शुरूआती दौर में 35 किसान-बागवानों ने जिला कृषि विभाग के पास इसके लिए आवदेन भी कर दिए हैं।
बगीचों को जानवरों के नुकसान से बचाने के लिए सोलर फेंसिंग काफी कारगर साबित होगी। इसके लिए एकल लाभार्थी को आवेदन पत्र केे साथ एक फोटो, ततीमा, आधार कार्ड, राशन कार्ड की कॉपी और बैंक कॉपी जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय में जमा करनी होगा। वहीं सामुदायिक लाभार्थी को एक ऐफिडेविट जमा करना होगा।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्कीम के तहत भी मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना का लाभ ले सकते हैं। इसमें लाभार्थी को अधिक राशि खर्च नहीं करनी होगी। तांदी पंचायत के पूर्व प्रधान एवं बागवान सुरेश कुमार, उदयपुर के राजू और शमशेर सिंह के अनुसार यह स्कीम किसान-बागवानों के लिए काफी फायदेमंद है। वहीं इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी हेमराज वर्मा ने बताया कि विभाग के पास उपरोक्त स्कीम में बजट का प्रावधान हो गया है। सीजन खुलते ही घाटी में इस कार्य का शुभारंभ किया जाएगा।