विंटर सीजन में दस फीसदी
तक सिमट गई ऑक्युपेंसी
सैलानियों ने रद्द की बुकिंग, भारी पड़ने लगी मौसम की बेरुखी
अब बर्फबारी न होने से दिनोंदिन घटने लगा मनाली का पर्यटन
मनु शर्मा
मनाली (कुल्लू)। समर और विंटर पर्यटन के लिए विश्व विख्यात मनाली में इस साल मौसम की बेरुखी और बर्फबारी का न होना भारी पड़ने लगा है। सूखे पड़े मनाली के स्नो प्वाइंट के चलते घाटी के विंटर सीजन में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। बर्फबारी नहीं होने से ऑन लाइन बुकिंग पर रद्द होने लगी है।
कुल्लू-मनाली में होटलों की ऑक्युपेंसी मात्र दस फीसदी चल रही है। सूखे से जहां घाटी की प्रसिद्ध बागवानी जहां चौपट होने के कगार पर है तो वहीं पर्यटन को बड़ा झटका लगा है। मनाली सहित सभी सोलंगनाला, कोठी, गुलाबा, बिजली महादेव, खीरगंगा, जलोड़ी दर्रा के स्नो प्वाइंटों में बर्फ की परत नहीं होने से पर्यटकों ने भी आना बंद कर दिया है और दिन प्रति दिन कुल्लू-मनाली के सैर सपाटे पर आ रहे पर्यटकों की संख्या कम होती जा रही है। इतना ही नहीं दो सप्ताह या महीनों जिन सैलानियों ने बुकिंग कर रखी है उन्होंने भी अपनी ऑन लाइन बुकिंग को रद्द कर दिया है। ऐसे में जिला कुल्लू में बागवानी और पर्यटन दोनों संकट में है। मनाली होटलियर एसोसिएशन के प्रधान गजेंद्र ठाकुर ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि मनाली सहित समूची घाटी में नवंबर से फरवरी माह तक घाटी के स्नो प्वाइंट बर्फ की चांदी से बिना सूने पड़े हैं। बर्फ नहीं होने से मनाली का पर्यटन कारोबार बुरी तरह से खत्म हो गया और इन दिनों मनाली में व्यवसाय मात्र 10 फीसदी के आसपास रह गया है। मनाली पहुंच रहा पर्यटक भी निराश है और जल्द वापस लौट रहा है। हिमाचल टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के प्रधान राजकुमार डोगरा ने कहा कि मनाली का पर्यटन सीजन अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। बर्फबारी के बिना मनाली के टैक्सी ऑपरेटरों का धंधा भी नहीं चल पा रहा है।