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किसानों और बागवानों से क्रेट के नाप-तोल पर धोखा

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अमर उजाला ब्यूरो
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खराहल (कुल्लू)। जिला की सब्जी मंडियों में किसानों और बागवानों से माप-तोल पर धोखा हो रहा है। मंडियों में एक क्रेट पर तीन किलो वजन काटकर किसानों और बागवानों को भारी चपत लगा रहे हैं। ऐसे में बागवानों को आर्थिक तौर पर खासा नुकसान झेलना पड़ रहा है। यह सिलसिला पूरे सीजन में चलता रहता है। बागवानों का कहना है कि मार्केटिंग कमेटी के अधिकारी और कर्मचारी भी इस व्यवस्था को दुरुस्त करने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। कुल्लू की मंडियों में 75 फीसदी सेब क्रेट में मंडियों तक बागवान भेजते हैं। ऐसे में पूरे सीजन में बागवानों को लाखों की चपत मंडियों में लग रही है। इस बारे में संबंधित विभाग को कई मर्तबा अवगत भी करवाया है, लेकिन इस के बावजूद इस पर अंकुश नहीं लग रहा हैं। ऐसे में बागवानों ने प्रशासन और बोर्ड की कार्य शैली पर भी सवाल खड़े किए है। बागवानों ने मांग की है कि नियम के तहत ही क्रेट का वजन मंडियों में काटने के आदेश बोर्ड दे। घाटी के प्रगतिशील बागवान ज्ञान ठाकुर, अनिश भंडारी, अमित, रोशन लाल, अखिल राणा, राजेंद्र ठाकुर, सुशाील भंडारी, चमन ठाकुर, लाल चंद, सुरेश पुजारी, कर्म चंद, दवेंद्र, संजू तथा यशपाल आदि ने बताया कि मंडियों में अधिकतर आढ़ती तीन किलो वजन क्रेट का काट रहे हैं। इस कारण पूरे सीजन में बागवानों को लाखों की चपत लग रही है। किसान सभा के उपाध्यक्ष देवराज नेगी और बागवानों ने प्रशासन और बोर्ड से मांग की है कि इस पर जल्दी रोक लगाई जाए। अन्यथा बागवान सड़कों पर भी उतरने से गुरेज नहीं करेंगे। इस संबंध में आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष गोवर्धन ठाकुुर ने कहा कि मंडियों में नियम के अनुसार एक क्रेट पर दो किलो वजन काट रहे हैं।
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नियम की अवेहलना पर लाइसेंस हो सकता है रद्द
कुल्लू। एपीएमसी के चेयरमैन यूपेंद्र कांत मिश्रा का कहना है कि कोई भी आढ़ती नियम के तहत दो किलो से ज्यादा वजन नहीं काट सकता है। अगर कोई इससे ज्यादा भार काटता है तो उस पर कार्रवाई साथ-साथ उसका लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है। एपीएमसी ने इस बारे सब्जी मंडियों के आढ़तियों व व्यापारी के आदेश दिए गए हैं।
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