अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। एक ओर जहां जिला मुख्यालय में सात महीनों से गंदगी के ढेर लगे हैं, वहीं भुंतर बाजार में ब्यास नदी पर बने पुल के पास ही गंदगी को डंप किया जा रहा है। हालांकि ब्यास को प्रदूषित होने से बचाने के लिए एनजीटी सख्त है। इसके बावजूद ब्यास के किनारों में कूड़े-कचरे को फेंका जा रहा है।
भुंतर में ब्यास नदी के सफाई अभियान की धज्जियां उड़ रही हैं। हालांकि भुंतर शहर में निकलने वाले कूड़े को पहले पिरड़ी स्थित कूड़ा संयंत्र में निष्पादन के लिए भेजा जाता था। लेकिन सितंबर 2018 से एनजीटी ने यहां कूड़े-कचरे को डंप करने पर रोक लगाने के बाद भुंतर में भी जगह-जगह कूड़े को फेंका जा रहा है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाएगी। शहरवासी अर्जुन सिंह, हरी राम, वीर सिंह, राम लाल, कालू राम, शाम लाल, किरत राम, मान सिंह, बुध राम तथा हीरा लाल ने बताया कि भुंतर शहर में सात माह से गंदगी सही ढंग से डंप नहीं हो रही है। कहा कि भुंतर स्थित ब्यास नदी पर बने पुल के पास गंदगी को सरेआम डंपिंग किया जा रहा है। कहा कि जहां गंदगी के ढेर लगे ह्रैं, वहीं साथ में ट्रक यूनियन और सब्जी मंडी भी है। उन्होंने कहा कि इस बारे में नगर पंचायत को भी बताया गया है। लेकिन कोई भी समाधान नहीं हो रहा है। उधर, नगर पंचायत भुंतर के अध्यक्ष करन सिंह ठाकुर ने कूड़े-कचरे को डंप करने के लिए कहीं भी जगह नहीं मिल रही थी। ऐसे में उन्होंने ट्रक यूनियन से कूड़े को रखने के लिए जगह मांगी है। जब तक कोई स्थायी हल नहीं होता, तब तक विकल्प के तौर पर गंदगी को यहां पर फेंका जा रहा है।