कुल्लू/खराहल। चैत्र नवरात्र के उपलक्ष्य पर अष्टमी को मां गौरी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। जिला कुल्लू के मंदिरों में भी आस्था का सैलाब उमड़ा। मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शीश नवाया और कन्या पूजन भी किया गया। घाटी के मंदिर स्थित पुईद में जगन्नाथी भुवनेश्वरी और माता भुवनेश्वरी भेखली में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
माता वैष्णो, शीतला माता, न्योली रानी माता, माता दशमी वारदा, देवी हिंडिबा, पार्वती चोंग, नैना माता मणिकर्ण और ज्वाला माता आदि मंदिरों में श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना की। चैत्र नवरात्र के उपलक्ष्य पर मंदिरों में नौ दिन तक पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान का भी दौर चलता रहा। माता जगन्नाथी के कारदार झाबे राम ठाकुर बताते है कि अष्टमी पर माता के मंदिर में लोगों ने शीश नवाया और सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि रविवार को मंदिर में देव विधि के साथ देव परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। इस मौके पर मंदिर में हारियान माता की चाकरी करने पहुंचेंगे। पुईद पंचायत के पूर्व प्रधान उत्तम शर्मा, पूर्व उप प्रधान चमन ठाकुर, पूर्व पंच सुनू राम ठाकुर, मास्टर चने राम और लंबरदार अशोक ठाकुर ने कहा कि रविवार को नवमी पर देवपरंपरा का निर्वहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए मंदिर में विशेष प्रबंध भी किए हैं। देवी-देवता कारदार संघ के पूर्व प्रधान दोतराम ठाकुर ने कहा कि रविार को संक्रांति पर मंदिरों में देव परंपरा का निर्वहन होता है। इसके लिए देवलुओं ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और देवलुओं में काफी उत्साह भी है। कई मंदिरों में बिरशू उत्सव भी मनाया जाएगा।