अमरउजाला ब्यूरो
मनाली/कोकसर। रोहतांग सहित पर्यटन नगरी मनाली में जनवरी माह से भारी बर्फबारी का दौर जारी है। इसका असर सोलंग गांव में भी देखने को मिला है। गत दिनों यहां हिमखंड गिरने से स्कूल भवन बाल-बाल बचा गया था। लेकिन अब भारी बर्फबारी के बाद एक घर भूस्खलन की चपेट में आ गया है। एक अन्य घर को खाली करवाया गया है।
गांव में करीब पांच फीट बर्फ होने से भूस्खलन के कारण दो स्थानों पर तीन फीट चौड़ी दरार पड़ गई है। इससे सोलंग गांव को खतरा हो गया है। सोलंग गांव के नोख राम का घर मंगलवार रात को भूस्खलन से ढह गया है। लेकिन इस घर में कोई भी नहीं रह रहा था। घर में घास व लकड़ी रखी थी, जिससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। दूसरी ओर ग्रामीण गोकुल चंद का घर सुरक्षा को देखते हुए खाली करवाया गया है। काष्ठकुणी शैली से बना यह वही गांव है, जहां 2008 में आग लगने से 38 परिवार बेघर हो गए थे। रात को मकान गिरने की घटना के बाद सैकड़ों ग्रामीणों में दहशत है। गांव में चार साल से भूस्खलन हो रहा है। लेकिन सरकार इसका कोई समाधान नहीं कर पाई है। ग्रामीण गोकुल, नोख राम और रूप लाल ठाकुर ने बताया उनके गांव को भूस्खलन से खतरा बढ़ गया है। वे रात को दहशत से सो नहीं पाए। हर समय भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। पलचान पंचायत के प्रधान सुंदर ठाकुर ने बताया कि समस्या को सरकार के ध्यानार्थ लाया गया है। उधर, एसडीएम मनाली अश्विनी कुमार ने बताया कि राजस्व विभाग को मौके पर भेज दिया है। नुकसान का आकलन कर ग्रामीणों की हर संभव मदद की जाएगी।