मनाली (कुल्लू)। प्रदेश मंत्रिमंडल की ओर से मनाली में अर्बन एस्टेट एक्ट को समाप्त कर पर्यटन नगरी मनाली के सैकड़ों लोगों को राहत दी है। मनाली में अर्बन एस्टेट एक्ट के हटने से 211 व्यापारिक प्रतिष्ठानों को लाभ मिलेगा। इसमें लगभग दो दर्जन होटलियर भी शामिल हैं। मनाली के एक हिस्से में जहां टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की ओर से चार मंजिला के नक्शे पास किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ अर्बन एस्टेट एक्ट के तहत मात्र ढाई मंजिला नक्शों को ही मंजूरी दी जाती थी।
मनाली की मनु मार्किट और मॉडल टाउन में लोग ढाई मंजिल से अधिक भवन को नहीं बना सकते हैं। लेकिन 11 दिसंबर को धर्मशाला में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में तत्कालीन पंजाब सरकार के अर्बन एस्टेट एक्ट को निरस्त कर दिया है और अब मनाली में एक बराबर नियम लागू होंगे। मनाली निवासी हरि सिंह ठाकुर, ध्रुव अवस्थी, पुरुषोत्तम सोनी, आत्मा प्रकाश सिकरी, तारू नेगी, श्याम ठाकुर, दिनेश शासनी, सतीश सूद, ख्याली राम, जीवन गुप्ता, श्याम गुप्ता व विचित्र सेन अवस्थी ने बताया कि मनाली में दो तरह के कानून चलते थे। इससे मनाली के अर्बन एस्टेट एक्ट के तहत आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस एक्ट को निरस्त करने के लिए स्थानीय लोगों ने कई बार प्रदेश सरकार से मांग की थी।
एक्ट हटने से इन्हें मिलेगा लाभ
मनाली अर्बन एस्टेट हटने से 211 व्यापारिक प्रतिष्ठानों को लाभ मिलेगा। इसमें मनाली के मनु मार्किट में 137 और मॉडल टाउन में 74 व्यापारिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। इसके अलावा इसमें आने वाले लगभग दो दर्जन होटलियरों को भी लाभ मिलेगा।
दो तरह के कानून से हो रहे थे प्रताड़ित : अनूप
मनाली होटलियर एसोसिएशन के प्रधान अनूप राम ठाकुर ने बताया कि मनाली में दो कानून चलते थे, जिससे मनाली वासी प्रताड़ित हो रहे थे। मनाली शहर में वर्षों तक एक ओर टीसीपी लागू था तो दूसरी ओर पूर्व पंजाब सरकार का बनाया अर्बन एस्टेट एक्ट लागू था। इससे लगभग 211 लोग ढाई मंजिल से अधिक भवन नहीं बना सकते थे। लेकिन प्रदेश सरकार ने अर्बन एस्टेट एक्ट को निरस्त कर मनाली के लोगों को बड़ी राहत दी है। कहा कि वह पिछले दो वर्षों से कुल्लू-मनाली पर्यटन विकास मंडल की ओर से इस एक्ट को खत्म करने की मांग उठा रहे थे।