सुंदरनगर में चल रहा लाहौल के
लिए स्वीकृत बहु तकनीकी कॉलेज
भूमि चयन की प्रक्रिया में ही गुजर गए दस साल
तकनीकी शिक्षा विभाग ने कृषि मंत्री को सौंपी रिपोर्ट
अशोक राणा
केलांग (लाहौल-स्पीति)। करीब एक दशक पहले लाहौल-स्पीति के लिए स्वीकृत बहु तकनीकी कॉलेज को अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है। मौजूदा समय में लाहौल-स्पीति के लिए स्वीकृत बहु तकनीकी कॉलेज की कक्षाएं घाटी से करीब 400 किलोमीटर दूर सुंदरनगर में चली रही हैं।
भाजपा सरकार ने लाहौल के उदयपुर में पालीटेक्निक कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। स्वीकृति मिलने के बाद संस्थान के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू हुई। लेकिन तत्कालीन भाजपा सरकार का कार्यकाल समाप्त होने तक भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। फिर कांग्रेस ने सत्ता में आते ही भाजपा के कार्यकाल में चिहिन्त की गई भूमि को रद कर किसी अन्य जगह भवन निर्माण के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि इसी बीच कुकुमसेरी स्थित राजकीय महाविद्यालय ने अपनी साइंस ब्लॉक में संस्थान की कक्षाएं शुरू करने के लिए एनओसी तक जारी कर दिया लेकिन जनजातीय युवाओं को फिर भी अपने ही जिला में तकनीकी शिक्षा हासिल करना नसीब नहीं हो सका। लिहाजा अंत में तकनीकी शिक्षा विभाग में लाहौल के लिए स्वीकृत हुई इस संस्थान की कक्षाएं सुंदरनगर में शुरू कर दीं। अब तीन सालों से लाहौल के नाम से स्वीकृत संस्थान की कक्षाएं मंडी जिला के सुंदरनगर में चल रही हैं।
जनजातीय युवा मंच के अध्यक्ष एवं जिप सदस्य सुदर्शन जस्पा के अनुसार स्वीकृति के एक दशक बाद भी संस्थान का शुरू नहीं हो पाना कांग्रेस और भाजपा दोनों की नाकामी है। सुंदरनगर में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों के अभिभावक रमेश, बलदेव कुमार, अमर, राजेश, देवी सिंह ने कहा कि अगर घाटी में ही संस्थान के लिए भवन निर्माण किया गया होता तो उनके युवाओं को सैकड़ों किमी दूर नहीं जाना पड़ेगा। उधर, तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक शुभकरण सिंह ने बताया कि संस्थान की स्टेट्स रिपोर्ट कृषि मंत्री डॉ रामलाल मारकंडा को सौंप दी गई है।
भूमि चिन्हित कर जल्द
शुरू होगा भवन निर्माण
कृषि, आईटी एवं जनजातीय विकास विभाग मंत्री डॉ मारकंडा के अनुसार कांग्रेस सरकार ने जिस भूमि का चयन किया था वह हिमस्खलन के लिहाजा से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है। संस्थान के संदर्भ में तकनीकी शिक्षा विभाग से स्टेटस रिपोर्ट लेकर वर्क आउट करना शुरू कर दिया गया है। जल्द ही घाटी में ही बहु तकनीकी कॉलेज की कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी।