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हर माह अधीनस्थ स्कूलों का निरीक्षण करेंगे स्कूल मुखिया

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Teacher Shimla - फोटो : amarujala
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उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी में गुणात्मक शिक्षा को लेकर शिक्षा विभाग का कड़ा रूख अपनाया है। अब घाटी के किसी भी स्कूल में अधीनस्थ स्कूल मुखिया निरीक्षण के लिए कभी भी जा सकता है और निरीक्षण के दौरान खामियां पाई जाने पर अध्यापक की रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय शिमला को भी भेजी जा सकती है।
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शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए अब प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों और सभी प्राइमरी पाठशालाओं के सेंटर स्कूलों में तैनात सीएचटी को हर माह अपने अधीनस्थ स्कूलों में जाकर निरीक्षण करना होगा। शिक्षा विभाग लाहौल ने बुधवार को इसके बारे में आदेश भी जारी कर दिए हैं। बेहतर परिणाम और स्कूल की गतिविधियों को दुरुस्त बनाए रखने वाले अध्यापकों को जिला स्तरीय बेस्ट टीचर अवार्ड से भी सम्मानित किया जा सकता है। शिक्षा विभाग लाहौल के इस फैसले का अभिभावकों ने स्वागत किया है। शिक्षा विभाग के कार्यालय केलांग से जारी पत्र के बाद अधीनस्थ स्कूलों के मुख्याध्यापकों की सक्रियता भी अधिक रहेगी। निरीक्षण रिपोर्ट भी आगे प्रस्तुत करना पड़ेगा।
घाटी के समस्त स्कूलों के प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों और प्राइमरी स्कूलों के सीएचटी को यह आदेश पत्र जारी किए गए हैं कि वह हर माह किसी भी समय अपने अधीनस्थ स्कूलों को निरीक्षण करेंगे। पत्र में यह लिखा गया है कि निरीक्षण के दौरान यह जांचे कि कौन बच्चा किस विषय में कमजोर है। अगले निरीक्षण के दौरान यह भी देखें कि क्या उस बच्चे के पढ़ाई में कोई सुधार हो रहा हो। इसकी रिपोर्ट शिक्षा विभाग केलांग के कार्यालय में भी देना सुनिश्चित किया जा चुका है।
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इस संबंध में शिक्षा उपनिदेशक लाहौल प्रेम नाथ परशीरा ने कहा है कि इसके लिए उनके कार्यालय में एक कर्मचारी की स्पेशल ड्यूटी तैनात की जा रही है जो हर स्कूलों के मुखियों से अधीनस्थ स्कूलों की फीडबैक लेगा। उसके उपरांत हर गतिविधियों की रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय शिमला को भी भेजी जा सकती है। यह कदम गुणात्मक शिक्षा की ओर है। बेहतर परिणाम देने वाले अध्यापकों को जिला स्तरीय पुरस्कार से भी नवाजा जाएगा।
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