रोहतांग दर्रा (कुल्लू)। सीमा सड़क संगठन की तरफ से रोहतांग दर्रा दस दिनों के भीतर पर्यटक वाहनों के लिए बहाल कर दिया जाएगा। वर्तमान में राहलीनाला से रोहतांग टॉप तक कुछ जगहों में सड़क को चौड़ी करने के लिए स्नो क्लीयरेंस होना बाकी है। वहीं, कुछ जगहों में हुए स्लाइड को भी हटाया जाएगा। बीआरओ की रिपोर्ट के बाद प्रशासन यातायात के लिए हरी झंडी देगा।
रोहतांग स्नो क्लीयरेंस मिशन पूरा करने के बाद बीआरओ की नजर अब मनाली-लेह मार्ग पर है। बीआरओ के अतिरिक्त महानिदेशक मोहन लाल ने रोहतांग टॉप में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मौसम के अनुकूल रहने पर सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग को मई के पहले सप्ताह तक यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। ग्रांफू व लोसर की तरफ से टीमें ग्रांफू-काजा सड़क मार्ग से बर्फ हटाने में जुटी हुई हैं। 20 मई तक इस मार्ग पर यातायात बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है। इस बार रोहतांग दर्रा सड़क पर कम बर्फ गिरी है लेकिन बीआरओ का काम विपरीत परिस्थितियों में हुआ है। माइनस तापमान समेत अन्य चीजें हर बार की तरह ही रही हैं। बावजूद पिछले बार के मुकाबले इस बार पहले सड़क मार्ग बहाल किया गया है।
उन्होंने 94 आरसीसी और 70 आरसीसी के अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि रोहतांग स्नो क्लीयरेंस मिशन में जुड़ी कुछ मशीनों को मनाली लेह मार्ग से बर्फ हटाने के लिए बारालाचा पास की ओर भेजा जाए। जिससे सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण मनाली लेह मार्ग से शीघ्र बर्फ हटाया जा सके। कोई भी मशीन ऑफ रोड नहीं रहनी चाहिए। जिससे बर्फ हटाने और सड़क चौड़ा करने में मशीनरी की कमी महसूस न हो। इस मौके पर 38 सीमा सड़क कृतिक बल के कमांडर एके अवस्थी, 70 आरसीसी के ओसी विजय कुमार, 94 आरसी के ओसी एसएस देशपांडे और ओसी मयंक मेहता, आएम केलांग मंगल चंद मनेपा समेत अन्य मौजूद रहे।
रिपोर्ट मिलने पर भेजेंगे पर्यटक वाहन : डीसी
डीसी कुल्लू युनूस ने कहा कि बीआरओ के साथ संयुक्त निरीक्षण की रिपोर्ट व सभी प्रकार मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के बाद पर्यटक वाहनों के लिए रोहतांग दर्रा खोल दिया जाएगा। रोहतांग दर्रा में सड़क चौड़ी और पार्किंग का बनना बाकी है।