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बारिश न बर्फ ,बगीचों में बीमारियों का बढने लगा खतरा

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सेब - फोटो : अमर उजाला
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खराहल (कुल्लू)। तीन माह से ज्यादा समय से पर्याप्त बारिश नहीं होने से सेब बगीचों में कीट पतंगों के पनपने की आशंका बढ़ गई है। सूखे के चलते कई कीटों के सक्रिय होने की अधिक संभावना बढ़ जाती है। समय पर बर्फबारी न होने के कारण तापमान भी सामान्य से अधिक हो गया है। जो सेब और अन्य फसल के लिए बेहतर नहीं है। ऐसे में फलदार पौधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जाहिर की जा रही है।
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बागवानी विशेषज्ञों का कहना है कि सूखे की चपेट में आने से पौधों पर कई बीमारियों के पनपने की संभावना है। वहीं, सूखे के चलते नए पौधों के लिए गड्ढों व तौलिया बनाने का कार्य भी नहीं हो रहा है। दिन के समय तो तापमान दिसंबर माह का नहीं लग रहा है बल्कि गर्मी के मौसम का एहसास हो रहा है। सूखे के कारण बगीचों में खाद व दवा डालने के तमाम कार्य समय पर नहीं हो रहे हैं। वक्त पर कार्य न होने के चलते कीट पतंगों का हमला भी बढ़ सकता है।
स्टेम बोरर, कैंकर, बूलीएफिड और सूली जैसे कीट पनपने की संभावना पैदा हो गई है। इस संबंध में घाटी के बागवान अमित, महेश शर्मा, श्याम शर्मा, दिले राम, चमन, देवी सिंह, अशोक ठाकुर, तीर्थ राम, अनूप राम, राजेंद्र, कैलाश, अमन और दुनी चंद आदि का कहना है कि तीन माह से पर्याप्त बारिश और बर्फबारी न होने के कारण बगीचों में नमी बिल्कुल भी नहीं बची है। ऐसे में नए पौधों को लगाने के लिए गड्ढों का काम भी हो रहा है। बागवानी विभाग के उप निदेशक डॉ राजकुमार कहते है कि बारिश व बर्फबारी न होने के कारण कई कीट भी सक्रिय हो जाते हैं। इससे पौधों को नुकसान हो सकता है।
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