अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में साल दर साल देवी-देवताओं की संख्या बढ़ रही है। इस बार 236 देवी-देवता ढालपुर पहुंचे हैं।
वर्ष 2012 में 228, 2011 में 226, 2010 में 210 देवी-देवताओं ने उत्सव में हाजिरी लगाई थी। हर साल बढ़ती देवताओं की संख्या से उत्सव की शोभा को चार चांद लग रहे हैं। इससे जिला देवी-देवता कारदार संघ तथा दशहरा समिति भी खुश है।
देव आस्था तथा दशहरा उत्सव का मुख्य प्रतीक देवी-देवताओं के होने से सरकार हर साल देवताओं पर 10 से 20 फीसदी तक नजराने में इजाफा करती आई है।
पांच वर्ष में देवताओं के नजराने में पचास से साठ फीसदी बढ़ोतरी हुई है।
इस बार नजराना बढ़ता है या नहीं, देव समाज की नजरें मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर टिकी हैं। नजराने में सबसे ऊपर भगवान रघुनाथ हैं। इसके बाद माता हिडिंबा, बिजली महादेव, शृंगा ऋषि, देव खुडीजल आदि को हजारों के हिसाब के नजराना दिया जाता है।
जिला देवी-देवता कारदार संघ के महासचिव टीसी महंत का कहना है कि दशहरा में बढ़ रही देवताओं की संख्या देव समाज तथा दशहरा के भव्य आयोजन के लिए अच्छा संकेत हैं। दशहरा उत्सव में 236 देवी-देवता पहुंचे हैं।
उधर, दशहरा में देवी-देवताओं के आगमन का कार्य देख रहे कानूनगो राम चंद ने इस वर्ष 236 देवी-देवताओं के आने की पुष्टि की है।