बैजनाथ (कांगड़ा)। बैजनाथ के तनहोटू गांव में गोशाला में घुसे लावारिस बैल को बाहर निकालने की कोशिश 36 वर्षीय अजय कुमार को भारी पड़ गई।
बैल के हमले के बाद उसके सीने में दर्द हुआ। कुछ देर आराम करने के बाद दर्द बढ़ा तो वह आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी के लिए निकला लेकिन रास्ते में ही गिर गया। स्थानीय लोग उसे पालमपुर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद तनहोटू गांव में शोक की लहर है। जानकारी के अनुसार बुधवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे लावारिस बैल अजय कुमार पुत्र अशोक की गोशाला में घुस गया था। अजय उसे बाहर निकालने का प्रयास कर रहा था, तभी बैल ने हमला कर दिया।
हमले के बाद उसे सीने में हल्का दर्द हुआ। इसके बावजूद उसने दोपहर का भोजन किया और कुछ देर आराम किया। बाद में दर्द बढ़ने पर वह समीपवर्ती आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी जाने के लिए निकला। डिस्पेंसरी पहुंचने से पहले ही वह रास्ते में गिर गया।
मेहनत-मजदूरी कर संभालता था परिवार
अजय अविवाहित था और वेल्डिंग का काम कर परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाता था। परिवार में उसकी मां, छोटा भाई और बुजुर्ग दादी हैं। अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि अजय मेहनती और मिलनसार स्वभाव का था।
लावारिस पशुओं की समस्या पर उठे सवाल
घटना के बाद एक बार फिर क्षेत्र में लावारिस पशुओं की समस्या को लेकर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़कों और आबादी के आसपास घूमने वाले लावारिस पशुओं से आए दिन लोगों को खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने के साथ पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की है।