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तियारा अस्पताल में महिलाएं ने ढोलक-चिमटे बजाकर किया भजन कीर्तन।

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गगल के समीप पीएचसी को सीएचसी बनाने के लिए भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीण। - फोटो : Kangra
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गगल (कांगड़ा)। पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) तियारा को सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) बनाने की मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी अस्पताल में मूलभूत सुविधाएं न मिलने से खफा ग्रामीणों ने वीरवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिला परिषद सदस्य जोगिंदर सिंह पंकु की अगुवाई में ग्रामीण अस्पताल परिसर में पहुंचे और प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं समेत प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने ढोलक-चिमटे बजाकर भजन कीर्तन किया और सरकार व मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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प्रदर्शन के साथ भूख हड़ताल पर बैठे पंचायत तियारा के पूर्व प्रधान ओम प्रकाश, पंचायत ढुगीयारी के उपप्रधान रजनीश, तियारा पंचायत के उपप्रधान अशोक कुमार आदि के समर्थन में ग्रामीणों ने अस्पताल में धरना भी दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने 13 महीने पहले तकीपुर में इस पीएचसी को सीएचसी का दर्जा देने की घोषणा की थी। सीएम की यह घोषणा अभी तक पूरी नहीं हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि तकनीकी स्टाफ के अभाव में अस्पताल की एक्स रे मशीन धूल फांक रही है।
प्रदर्शनकारी अंजना कुमारी, सुमन देवी, कमला देवी, शारदा देवी, उत्तरा देवी, सरोज देवी, राजकुमारी, सीमा देवी, सुदेश कुमारी बीना देवी, मीना देवी, पवना देवी, मधुबाला, कुशला देवी, दुनी चंद ,प्रीतम सिंह आदि ने बताया कि सात दिनों के भीतर तियारा पीएचसी का दर्जा नहीं बढ़ाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने अस्पताल में स्टाफ की कमी दूर कर एंबुलेंस सुविधा भी उपलब्ध कराने की मांग की। धरना प्रदर्शन में तियारा और आसपास के गांव ढुगीयारी, बढ़ियाड़ा, बैदी, समीरपुर, बल्ला, देहरिया के ग्रामीण उपस्थित रहे।
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