फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kangra News: खेतों में तबाही मचा रहे जंगली जानवर, किसानों की उड़ी नींद

विज्ञापन
विज्ञापन
कांगड़ा। उपमंडल में जंगली सुअरों, बंदरों और लावारिस पशुओं से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए दिन-रात पहरा देने या फिर खेताें के चाराें और बाड़ लगाने के लिए मजबूर हैं। जानवर आलू की फसल, हरी सब्जियाें के साथ-साथ अन्य सभी प्रकार की फसलाें काे नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों ने खेतों की सुरक्षा के लिए कांटेदार तार और झाड़ियां लगाकर बाड़बंदी की, लेकिन जंगली सुअर जमीन खोदकर खेतों में घुस जाते हैं। कुछ जगह तो खेतों की मेड़ें तक उखड़ चुकी हैं। किसानों का कहना है कि इन जानवरों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई है कि इन्हें रोकना नामुमकिन हो गया है। किसानाें ने कहा कि कांगड़ा में लगभग चार किलाेमीटर सड़क पर टारिंग हुई ताे हर काेई इसका श्रेय लेने लगा। उपमंडल कांगड़ा के किसानों की फसलाें के नुकसान का जिम्मेदार काैन होगा।
विज्ञापन

क्या कहते हैं किसान

किसान अपने खेताें में कड़ी मेहनत करके फसलों की बिजाई करते हैं, लेकिन फसल के तैयार हाेने से पहले ही जंगली सुअरों की भेंट चढ़ रही है। कांगड़ा तहसील के कई गांवों में सुअर दिन-रात खेतों में घुसकर आलू, हरी सब्जियां और अन्य फसलों को बीच से तोड़कर रस चूसकर बर्बाद कर रहे हैं। किसान फसल बचाने के लिए तारबंदी के अलावा रातभर खेतों में पहरा देने के साथ डंडे और पटाखों से डराने जैसे हरसंभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही

-बुद्धि चंद, किसान।



जंगली सुअरों, बंदरों और लावारिस पशुओं से परेशान हाेकर क्षेत्र के कई किसानाें ने अपनी खेताें काे खाली छाेड़ दिया है। उनका कहना है कि जब मेहनत करने के उपरांत भी कुछ हाथ नहीं लगता ताे फिर मेहनत करने का क्या फायदा है। इस समस्या काे कई बार पंचायत स्तर से लेकर सरकार तक पहुंचाया लेकिन काेई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन


-गाेपाल दास, किसान


उपमंडल कांगड़ा में हाल ही में लगभग चार किलाेमीटर सड़क की टारिंग हुई। राजनीति से जुड़ा हर काेई इसका श्रेय लेना लगा लेकिन किसानाें की समस्या जाे कई वर्षाें से है, उस ओर न संबंधित प्रशासन और न ही सरकार इस ओर ध्यान दे रही है। इसके साथ ही जाे लाेग चार किलाेमीटर सड़क की टारिंग का श्रेय ले रहे हैं, वे किसानाें की फसलाें की भी जिम्मेदारी लें।

-शेखर कुमार, किसान



उपमंडल में फसलों को जंगली जानवर उजाड़ रहे हैं। बेहतर खाद और बीज डालकर भी वे उपज पैदा करते हैं, तो जंगली जानवर फसल काे चट कर जाते हैं। सरकार को इस दिशा में ठोस रणनीति बनानी चाहिए। इस संबंध में कई बार उच्चाधिकारियाें के माध्यम से सरकार काे किसानाें के प्रतिनिधिमंडल ज्ञापन भी दे चुके हैं। उसके बाद भी समस्या का काेई हल नहीं हाे पाया है।
विज्ञापन


-पांजा राम, किसान
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें