धर्मशाला के सराह स्थित गौ सदन में बेसहारा गौवंश। संवाद
धर्मशाला। प्रदेश सरकार लावारिश पशुओं की देखभाल के बड़े-बड़े दावे कर रही है, पर धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। गोसदनों में बेजुबानों का कोई सहारा नहीं है। धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के सराह स्थित गोसदन पशुओं को खाने के नाम पर केवल सूखी तूड़ी दी जा रही है, जबकि सूखी तूड़ी को हजम करने के लिए पीने को पर्याप्त पानी तक नहीं मिल रहा है, जो पानी है वो भी गंदगी से भरा है। यहां पशु हरे चारे को तरस रहे हैं तो कई बार टेंकरों से पानी मंगवाकर उनकी प्यास बुझाई जा रही है।
गोसदन में 80 पशुओं को आसरा मिला है, लेकिन इसकी क्षमता करीब 57 पशुओं को रखने की है। ऐसे में ठूंस-ठूंस कर इस गोसदन में बेजुबानों को भरा गया है। इनकी देखभाल करने के लिए दिन के समय मात्र दो कर्मचारी होते हैं। रात को केवल एक कर्मचारी यहां ड्यूटी देता है। हालात ऐसे हैं कि कई सांडों ने अन्य गोवंश को घायल किया है। गोसदन में पानी पीने के लिए बनाए छोटे टैंकों की हालत खस्ता है और वहां काफी गंदगी है। इस गंदे पानी को पशु पी रहे हैं। वहीं, दो दिन बाद कुछ समय के लिए पानी आपूर्ति यहां होती है, जो कि 80 पशुओं के लिए नाकाफी है। इसके अलावा साथ लगती खड्ड में प्रवासियों ने डेरा जमा रखा है और जगह-जगह गंदगी फैलाई है। अगर कर्मचारी खड्ड से पाइप डालकर पानी आपूर्ति करते हैं तो ये प्रवासी इन पाइपों को निकाल देते हैं। वहीं, यहां अधिकतर लाइटें खराब हैं और कैमरे भी काम नहीं कर रहे हैं। पूरे परिसर में महज तीन के करीब लाइटें ही रोशनी दे रही हैं।
- जिला कांगड़ा के गोसदनों में रोजाना पशुपालन विभाग के चिकित्सक पशुओं की जांच के लिए जाते हैं। घायल और बीमार पशुओं का उपचार किया जाता है। मौजूदा समय में जिला कांगड़ा के गोसदनों में करीब 2,347 पशुओं को रखा है। अधिकतर गोसदनों को एनजीओ चला रहे हैं।
- डॉ. सीमा गुलेरिया, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग कांगड़ा
- सराह स्थित गोसदन में टूटे शेड को ठीक करवा दिया है। पानी की खुरली को भी दुरुस्त करवाया है। गोसदन में और कर्मचारी रखने के लिए अधिकारियों के बात की जाएगी। पानी की समस्या का भी कोई हल निकाला जाएगा, ताकि पशुओं को कोई परेशानी न हो।
- नीनू शर्मा, मेयर, नगर निगम धर्मशाला
धर्मशाला के सराह स्थित गौ सदन में बेसहारा गौवंश। संवाद