रियूंड खड्ड पर जमा पानी की निकासी के लिए मिट्टी हटाती मशीन। -स्रोत : जागरूक पाठक
कांगड़ा। फोरलेन पुल निर्माण के दौरान रियूंड खड्ड में बनी झील से पानी की निकासी रविवार को शुरू कर दी गई। खड्ड में जमा मिट्टी के ढेर में पोकलेन मशीनों की मदद से एक तरफ नाली बनाकर पानी को निकाला जा रहा है। हालांकि, निचले इलाकों में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए पानी को धीरे-धीरे छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार पूरे पानी को खाली होने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
कच्छयारी से भंगवार फोरलेन पर यातायात बहाल करने के लिए रियूंड खड्ड पर पुल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान खोदाई और कटाई से निकला मलबा खड्ड के बीच एकत्र हो गया, जिससे मिट्टी का बड़ा ढेर लग गया। इस दौरान बरसात का पानी जमा होने से खड्ड में लगभग एक किलोमीटर लंबी झील बन गई थी।
इससे आसपास के ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया था और रिसाव के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका सता रही थी। मामला संज्ञान में आते ही एसडीएम डॉ. अंजली गर्ग ने एनएचएआई के अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर तुरंत निकासी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। शनिवार से खड्ड से मलबा हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई और रविवार को पानी का बहाव सुचारू कर दिया गया।
निर्माणाधीन कंपनी के साइट इंजीनियर धनंजय मिश्रा ने बताया कि पानी की सुरक्षित निकासी के लिए विशेष एहतियात बरती जा रही है और दो-तीन दिनों के भीतर खड्ड से जमा पानी पूरी तरह निकाल लिया जाएगा।