नूरपुर (कांगड़ा)। नूरपुर के बहुप्रतीक्षित 50 बिस्तर क्षमता वाले मातृ-शिशु अस्पताल को लेकर रणजीत बक्शी जनकल्याण फाउंडेशन ने एक बार फिर आंदोलन की चेतावनी दी है। फाउंडेशन के निदेशक अकिल बक्शी ने साफ किया कि यदि 30 सितंबर तक मातृ-शिशु अस्पताल का संचालन शुरू नहीं किया गया तो वह दो अक्तूबर से सिविल अस्पताल नूरपुर के बाहर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे।
अकिल बक्शी ने यह घोषणा वीरवार को नूरपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान की। उनका यह बयान पूर्व स्थानीय विधायक अजय महाजन की हाल ही में सोशल मीडिया पर की गई उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मातृ-शिशु अस्पताल को अगले दो माह के भीतर शुरू कर दिया जाएगा। बक्शी ने कहा कि नूरपुर के मौजूदा और पूर्व विधायक पर क्षेत्र की जनता का मोहभंग हो चुका है और दोनों ही जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरने में विफल रहे हैं।
आलम यह है कि एक नेता सरकार नहीं होने का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास कर रहा है, जबकि दूसरा चुनाव में हार का कारण बताकर राजनीति कर रहा है। आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता नेताओं के पिछले कार्यकाल और उनके कामकाज का हिसाब जरूर करेगी।
पांच वर्ष में 6.50 करोड़ के जनकल्याण कार्यों का दावा
अकिल बक्शी ने संस्था की सामाजिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी देते हुए दावा किया कि पिछले पांच वर्ष में करीब 6.50 करोड़ रुपये विभिन्न विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कार्यों पर खर्च किए गए हैं। वे 2012 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं और भारतीय रेलवे में भी सेवाएं दे चुके हैं। 2021 में फाउंडेशन की शुरुआत करने के बाद उन्होंने सामाजिक कार्यों को प्रमुखता देने की बात कही।