परागपुर (कांगड़ा)। जसवां परागपुर और देहरा विधानसभा क्षेत्रों के सियासी गलियारों में इन दिनों जुबानी जंग चरम पर पहुंच गई है। देहरा से कांग्रेस विधायक कमलेश ठाकुर और जसवां परागपुर से भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर के बीच विकास और सियासी दखल को लेकर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।
दोनों नेताओं के बीच छिड़ी इस सियासी जंग को इलाके में राजनीतिक वर्चस्व कायम करने की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी व विधायक कमलेश ठाकुर ने जसवां परागपुर के विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए बिक्रम ठाकुर पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर उनसे अपना विधानसभा क्षेत्र नहीं संभल रहा है तो वह खुद इसे संभाल लेंगी।
इस बयान पर पलटवार करते हुए पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि राजनीति में उनके पास लंबा अनुभव है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राजनीतिक तजुर्बा हासिल करने के लिए कमलेश ठाकुर को उनके पास ट्यूशन रख लेनी चाहिए। राजनीतिक जानकारों के अनुसार इस तल्खी की मुख्य वजह कमलेश ठाकुर का मायका जसवां परागपुर की नलसुहा पंचायत में होना है। मायका क्षेत्र होने के कारण वह यहां लगातार सक्रिय हैं, जिसे स्थानीय विधायक बिक्रम ठाकुर अपने सियासी क्षेत्र में दखल मान रहे हैं।