काम अधूरा छोड़ने पर ठेकेदार को लौटाने होंगे 18 हजार रुपये
अदालत ने 12 हजार रुपये मुकदमा फीस देने के भी दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। नवनिर्मित घर में दरवाजे, एलईडी पैनल, अलमारियां, बेड बॉक्स और मॉड्यूलर किचन के काम को अधूरा छोड़ने पर ठेकेदार को नौ फीसदी ब्याज सहित 18 हजार रुपये उपभोक्ता को लौटाने होंगे। ठेकेदार को 25 हजार रुपये और 12 हजार की राशि मुकदमा फीस के रूप में भी अदा करनी होगी। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने संजीत कुमार निवासी डुगली तहसील जवाली की शिकायत पर सभी तथ्यों को जांचने के बाद यह फैसला सुनाया है।
शिकायतकर्ता ने कहा था कि पठानकोट के एक ठेकेदार ने उनके नवनिर्मित घर का दौरा किया था और घर में दरवाजे, एलईडी पैनल, अलमारियां, बेड बॉक्स, मॉड्यूलर किचन सहित फ्लश के दरवाजे आदि लगाने की पेशकश की। इसमें उपभोक्ता ने ठेकेदार के तीन बेड बॉक्स, तीन अलमारियां, पूजा कक्ष की लकड़ी की फिटिंग, मॉड्यूलर किचन, पांच फ्लश दरवाजे, दो एलईडी पैनल, वॉश बेसिन ट्रॉली आदि का निर्माण करने को लेकर अनुबंध किया। इस दौरान ठेकेदार ने पठानकोट की एक दुकान से सामान खरीदने की बात कही थी, लेकिन शिकायतकर्ता ने जसूर स्थित दुकान से सामान खरीदा। शिकायतकर्ता ने ठेकेदार को बताया कि उनके घर की प्रतिष्ठा (गृह प्रवेश) का मुहूर्त 13 जनवरी 2024 का है और उन्हें उस दिन से पहले काम पूरा करना है।
ठेकेदार ने आश्वासन दिया कि काम समय सीमा से पहले पूरा हो जाएगा और एक मजदूर के साथ 21 नवंबर 2023 को मॉड्यूलर किचन का काम शुरू किया और उपभोक्ता ने एडवांस 50 हजार रुपये भी दिए। ठेकेदार ने घर में केवल 10 दिन काम किया और मालिक को बिना बताए और काम पूरा किए बिना ही भाग गया। साथ ही वहां रखे पंखे, इलेक्ट्रिक स्टोव सहित अन्य सामान भी अपने साथ ले गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने घर के दूसरे हिस्से का काम अन्य ठेकेदार को दिया लेकिन मॉड्यूलर किचन का काम अधूरा रह गया। अन्य कामगारों का कहना था कि किचन का काम केवल वही पूरा कर सकते हैं, जिन्होंने इसे शुरू किया था। शिकायतकर्ता ने पहले ठेकेदार से बार-बार किचन के काम को पूरा करने की अपील की, लेकिन इसको पूरा नहीं किया गया। इस पर उपभोक्ता ने आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई और सभी तथ्यों को जांचने के बाद ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया गया।