धर्मशाला। जिला एवं सत्र न्यायाधीश चिराग भानु सिंह की अदालत ने 2 किलो 84 ग्राम चरस के साथ पकड़े आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि बरामद नशीले पदार्थ की मात्रा वाणिज्यिक श्रेणी में आती है, जो एक गंभीर अपराध है। ऐसी स्थिति में आरोपी को जमानत का लाभ देना उचित नहीं है।
मामले के अनुसार 8 जुलाई 2025 की रात को नूरपुर पुलिस की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि 32 मील के पास एक कार में दो व्यक्ति भारी मात्रा में चरस लेकर उसे बेचने की फिराक में हैं। इसपर पुलिस ने घेराबंदी कर दबिश दी और मौके पर कार की तलाशी लेकर 2 किलो 84 ग्राम चरस बरामद की।
मामले में पुलिस ने मौके पर चालक सीट पर बैठे विनय कुमार निवासी नूरपुर और उसके साथी किशोरी लाल को गिरफ्तार किया था। इस संदर्भ में 9 जुलाई 2025 को पुलिस थाना जवाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने जमानत की गुहार लगाई, जिसका अभियोजन पक्ष ने विरोध किया।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि बरामद चरस की मात्रा व्यावसायिक है, जो समाज और विशेषकर युवाओं के लिए घातक है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी विनय कुमार की याचिका को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल जमानत याचिका के निपटारे के लिए है और मामले के अंतिम फैसले पर इसका कोई असर नहीं होगा।