धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में नो डिटेंशन पॉलिसी खत्म होने के बाद 5वीं और 8वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों ने कई छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। जिला कांगड़ा के स्कूलों में इन दोनों कक्षाओं के 57 विद्यार्थी 33 फीसदी अंक हासिल करने में नाकाम रहे हैं। शिक्षा विभाग के नए नियमों के तहत अब इन विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट नहीं किया गया है।
नियमों के अनुसार फेल हुए इन विद्यार्थियों को दो माह बाद दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। यदि वे इस विशेष परीक्षा को पास कर लेते हैं, तभी उन्हें अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा अन्यथा उन्हें उसी कक्षा में दोबारा पढ़ना होगा। बता दें कि पहले राइट टू एजुकेशन (आरटीई) के तहत पहली से आठवीं तक किसी को फेल नहीं किया जाता था। इससे नौवीं कक्षा में परिणाम काफी गिर जाता था।
इसी कमी को सुधारने के लिए विभाग ने पॉलिसी में बदलाव किया है। जिला कांगड़ा में 5वीं कक्षा में अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और ईवीएस में फेल होने के कारण सात विद्यार्थियों को प्रमोट नहीं किया गया। वहीं, 8वीं कक्षा का सबसे बुरा हाल रहा, जिसमें कुल 50 छात्र फेल हुए हैं। यह विद्यार्थी गणित, विज्ञान, संस्कृत, अंग्रेजी, हिंदी और सोशल साइंस में न्यूनतम अंक नहीं ले पाए। इनमें छात्रों में चार निजी स्कूलों के भी हैं।
नो डिटेंशन पॉलिसी खत्म होने के बाद परिणाम घोषित किया गया है। जिला में 5वीं के 7 और 8वीं के 50 विद्यार्थी 33 फीसदी अंक नहीं ले पाए हैं। इन छात्रों के लिए दो माह बाद विशेष परीक्षा आयोजित होगी, जिसे पास करना अनिवार्य होगा। -अजय संबयाल, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा कांगड़ा।