कांगड़ा। विकास खंड कांगड़ा के कच्छियारी में वर्ष 2018 में स्वदेश दर्शन योजना के तहत बनाए विलेज हाट भवन की हालत अब जर्जर होती जा रही है। यह भवन आज तक किसी उपयोग में नहीं लाया जा सका है, इस भवन के खंडहर होने के साथ लोगों को सुविधाएं मिलने के सपने भी चूर-चूर हो रहे हैं। भवन के मुख्य गेट पर जंग लग चुका है, आसपास झाड़ियां उग आई हैं और पर्यटन विभाग सहित अन्य जिम्मेदार महकमे बेपरवाह हैं। स्थानीय लोगों ने पर्यटन विभाग की ओर से बनाए इस भवन के उपयोग और रखरखाव को लेकर गहरी नाराजगी जताई है। स्थानीय निवासी अजय कुमार, सुरेश कुमार, कीकर सिंह, सुभाष चंद, केवल कुमार, अमी चंद और राज कुमार सहित अन्य ने कहा कि इस भवन काे पहले भाषा और संस्कृति काे देने की बात चली, मगर योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। इसके बाद इस भवन काे पर्यटन निगम काे दे दिया, लेकिन इसकी देखरेख नहीं की जा रही है।
भवन बनाने का सरकार का उद्देश्य
सरकार का उद्देश्य था कि इस विलेज हाट के माध्यम से स्थानीय लाेगाें के उत्पादाें काे एक बाजार उपलब्ध करवाना था। साथ ही लोगों को स्थानीय उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण भी देना था।
विलेज हाट वीरान पड़ा हुआ है। सरकार ने कराेड़ाें रुपये बर्बाद कर दिए हैं। अगर सरकार इस भवन काे पंचायत को हैंडओवर कर दें, ताे हम इसका जीर्णाेद्धार कर इसे मैरिज पैलेस के रूप में संचालित कर लाेगाें काे सुविधा देंगे।
-केवल चाैधरी, प्रधान ग्राम पंचायत खाेली
विलेज हाट का निर्माण स्वदेश दर्शन याेजना के तहत किया है। इस भवन काे अब पर्यटन निगम को सौंप दिया। यहां पर सभी काम पर निगम ही करेगा।
-विनय धीमान, निदेशक, टूरिज्म विभाग
हमारी ओर से भवन की देखरेख के लिए एक कर्मी काे तैनात किया है। इस भवन का क्या करना है, इसका निर्णय मुख्यालय से ही हो पाएगा।
-कैशाल ठाकुर, एजीएम, पर्यटन निगम