कांगड़ा। शिमला-मटौर फोरलेन निर्माण के दौरान तरसूह के पास बन रहे एक पुल को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया गया है कि पुल के पिलर जितना बनाए जा रहे हैं, वे उतने ही जमीन में धंसते जा रहे हैं। वायरल वीडियो में यह भी कहा गया कि पुल के पास मौजूद रेलवे लाइन के समानांतर बन रहे इस फोरलेन पुल का कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे रानीताल और मटौर की ओर से आने-जाने वाले वाहनों के लिए संभावित खतरा बन सकता है। हालांकि, जब इस दावे की सच्चाई जानने के लिए स्थानीय लोगों से संपर्क किया गया तो उन्होंने ऐसी किसी भी घटना की पुष्टि नहीं की। लोगों का कहना है कि उन्होंने वीडियो देखा है लेकिन पिलर धंसने जैसी बात नहीं है। इस बीच, फोरलेन निर्माण कंपनी के साइट मैनेजर कविराज ने वायरल वीडियो को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है।
उन्होंने कहा कि पुल के लिए दो पिलर बनाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी प्रकार का धंसाव नहीं हुआ है। पिलर तय ऊंचाई और गुणवत्ता के अनुसार ही खड़े किए गए हैं। वीडियो में दिखाई गई बातों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे वायरल वीडियो पर विश्वास न करें और अफवाहों से बचें। कंपनी की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि पुल का निर्माण कार्य तय समय और तकनीकी मानकों के अनुसार चल रहा है और जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। अमर उजाला ऐसे वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।