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Kangra News: टेंट में जूठे रह गए बर्तन... साथी मजदूर जिंदगी से हाथ धो बैठे

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धर्मशाला के ​खनियारा से उपर मनूणी खड्ड में आई बाढ़ के बाद खाली पड़े मजदूरों के शैड़। संवाद
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धर्मशाला। खनियारा के पास मनूणी खड्ड के किनारे निर्माणाधीन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में बुधवार को आई भयंकर बाढ़ ने मजदूरों की पूरी जिंदगी तहस-नहस कर दी। कुछ मजदूरों ने प्रोजेक्ट से थोड़ी नीचे टेंट में खाना खाकर अभी बर्तन भी नहीं धोए थे। उन्होंने जब ऊपर प्रोजेक्ट में साथियों के जान से हाथ धो बैठने की खबर सुनी तो सब कुछ वहीं छोड़ जान बचाने के लिए दाैड़ पड़े।
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अभी भी जूठे बर्तन उनके अस्थायी ठिकानों पर पड़े हुए हैं, जैसे यह किसी दर्दनाक मंजर की कहानी सुनाते हों। राहत कार्य के बाद अब वीरान पड़े इन मजदूरों के शेड और टेंटों में सब कुछ बिखरा पड़ा है, जो एक मजदूर की मेहनत की पहचान थी। बिखरे सामान से यह साफ प्रतीत होता है कि ये श्रमिक अपने दिन-प्रतिदिन के जीवन में कितने व्यस्त रहे होंगे।
खाना बनाने के बर्तन के साथ चूल्हे और कपड़े सभी पूरी तरह से अस्त-व्यस्त पड़े हुए हैं। टेंटों में रजाइयां और कंबल जैसे के तैसे रखे हुए थे, जो शायद उस समय की घबराहट को दर्शाते हैं, जब बाढ़ अचानक आई और सब कुछ बर्बाद कर दिया। श्रमिकों के जूते-चप्पल टेंटों के बिखरे पड़े थे, जैसे वे आपातकालीन स्थिति में उन्हें वहीं छोड़ गए हों।
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वीरवार को जब जलस्तर कम हुआ, तो कुछ श्रमिक छुट्टी पर गए थे, वे भी सामान को ढूंढने वापस पहुंचे। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को इन श्रमिकों के जीवन को पुन पटरी पर लाने के लिए जल्द से जल्द राहत कार्यों में तेजी लानी होगी, ताकि जो बिखरे सामान और जूठे बर्तन छोड़ गए हैं, उन्हें फिर से जीवन को नए सांचे में ढालने के लिए परेशानी न हो।

धर्मशाला के खनियारा से उपर मनूणी खड्ड में आई बाढ़ के बाद खाली पड़े मजदूरों के शैड़। संवाद

धर्मशाला के खनियारा से उपर मनूणी खड्ड में आई बाढ़ के बाद खाली पड़े मजदूरों के शैड़। संवाद

धर्मशाला के खनियारा से उपर मनूणी खड्ड में आई बाढ़ के बाद खाली पड़े मजदूरों के शैड़। संवाद

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