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Kangra News: डंगा गिरने से दबे दो मजदूर, एक की हालत नाजुक

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डाडासीबा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद टांडा किया रेफर
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लंबागांव स्कूल भवन की छत पर गिरा पेड़, बाल-बाल बचा चौकीदार
संवाद न्यूज एजेंसी
डाडासीबा (कांगड़ा)। नंगल चौक खड्ड के समीप स्थित सत्संग घर में डंगे के निर्माण कार्य के दौरान मलबा गिरने से दो मजदूर दबने से घायल हो गए। इनमें से एक मजदूर की नाजुक हालत को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद टांडा रेफर कर दिया गया है। घायल मजदूरों की पहचान रविंद्र कुमार पुत्र बाबूराम पंचायत गुरनबाड़ और सुनील कुमार के रूप में हुई है
मलबे में दबे एक व्यक्ति को वहां उपस्थित लोगों की मदद से निकाल लिया गया, जबकि दूसरे को निकालने के लिए डाडासीबा फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई। मलबे में फंसे व्यक्ति को डेढ़ घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद निकाला गया। घटना स्थल से उन दोनों मजदूरों को डाडासीबा सिविल अस्पताल ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद एक मजदूर की नाजुक हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज टांडा के लिए रेफर कर दिया गया। डंगे के निर्माण कार्य के लिए लगे मिस्त्री ने बताया कि निर्माण के दौरान जैसे ही मलबा गिरना शुरू हुआ तो वे सभी बाहर की तरफ भागे लेकिन उनके दो साथी मलबे में फंस गए। इस निर्माण कार्य के लिए पांच व्यक्ति काम पर लगे थे, जिनमें एक गंभीर रूप से चोटिल हुआ है जबकि अन्य सुरक्षित हैं।
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डाडासीबा फायर चौकी प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि घटनास्थल में एक व्यक्ति के ऊपर मलबा गिरने की वजह से उनका आधे से ज्यादा शरीर मलबे के बीच में फंस गया था। करीब डेढ़ घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने उन्हें मलबे से बाहर निकाल लिया। घायल मजदूर को टांडा रेफर किया गया है।
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लंबागांव स्कूल भवन पर गिरा पेड़, बाल-बाल बचा चौकीदार
लंबागांव (कांगड़ा)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लंबागांव के भवन पर बुधवार रात करीब डेढ़ बजे एक पेड़ गिरने से स्कूल के एक कमरे की छत पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गई। इस दौरान एक बड़ा हादसा टल गया है। जिस कमरे की छत पर पेड़ गिरा है, उसी कमरे के अंदर स्कूल का चौकीदार भी सोया हुआ था। रात डेढ़ बजे जैसे ही कमरे की छत पर पेड़ गिरने से जोर से धमाका हुआ तो अंदर सोया स्कूल का चौकीदार एकदम उठकर बाहर मैदान की ओर भागा। उन्होंने बाहर आकर देखा कि उसके कमरे के ऊपर पेड़ गिरा हुआ है। कमरे की दीवारें पक्की होने के कारण पेड़ छत पर ही अटक गया अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। स्कूल प्रधानाचार्य जोगिंद्र सिंह ने बताया कि पेड़ स्कूल के कमरे की छत पर गिरने से छत पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गई है। इस घटना में करीब एक लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
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