धर्मशाला के उपायुक्त कार्यालय के बाहर मांगों के लिए धरना प्रदर्शन करते हुए ट्रेड यूनियन कॉडिनेश
धर्मशाला। ट्रेड यूनियन को-आर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी) हिमाचल प्रदेश के बैनर तले सोमवार को बड़ी संख्या में श्रमिकों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मजदूरों की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की आवाज उठाई।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम चंद की अगुवाई में अपनी मांगों का एक ज्ञापन उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा गया। ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि देश के करोड़ों श्रमिकों को कर्मचारी भविष्य निधि और कर्मचारी बीमा योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए। टीयूसीसी ने मांग की कि ईएसआईसी और ईपीएफओ की वेतन सीमा को तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर क्रमशः 35,000 और 30,000 रुपये किया जाए।
यूनियन ने ईपीएस-95 के करीब 82 लाख पेंशनधारकों की न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की। इसमें नियमित संशोधन के लिए परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (डीए) जोड़ने की बात भी कही गई। इसके अलावा आशा, आंगनबाड़ी और मिड-डे मील कर्मियों के मानदेय को राज्य की न्यूनतम मजदूरी के बराबर करने और उन्हें ईएसआईसी व ईपीएफओ की सुविधाएं देने की पुरजोर मांग की गई।