धर्मशाला के पास पास में खेतों में धान की पनीर लगाने के लिए निकालते हुए किसान। अमर उजाला
धर्मशाला। जिले के पलम (मैदानी) क्षेत्रों में धान की पनीरी की रोपाई इन दिनों पूरे जोर-शोर से चल रही है। सिंचाई की बेहतर सुविधा वाले इलाकों में किसान खेतों में उतर चुके हैं।
इस वर्ष सिंचाई के लिए समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से धान की रोपाई सुचारू रूप से चल रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर रोपाई होने से धान की फसल की पैदावार बेहतर होती है।
उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है। इस बार धौलाधार की पहाड़ियों पर हुए हिमपात का भी लाभ किसानों को मिल रहा है। पहाड़ों से आने वाले जल स्रोतों में पर्याप्त पानी होने के कारण सिंचाई व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई है और किसानों को पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा। जिले के चंगर क्षेत्रों के किसानों की उम्मीदें मानसून पर टिकी हुई हैं। इन क्षेत्रों में सिंचाई के साधन सीमित हैं जिसके चलते किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। पर्याप्त वर्षा होने के बाद ही बड़े स्तर पर धान की रोपाई शुरू हो पाएगी। यदि आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय होता है तो चंगर क्षेत्र में भी खेती संबंधी गतिविधियां तेज हो जाएंगी।
विभाग ने मौसम की स्थिति पर नजर रखने व वैज्ञानिक सलाह का पालन करने की अपील की है। ब्यूरो