नूरपुर (कांगड़ा)। रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से खेतों की मिट्टी में जहरीले तत्वों के चौथी परत तक पहुंचने का गंभीर मामला सामने आया है। चिंता व्यक्त करते हुए शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने रविवार को क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र जाच्छ का दौरा किया। दौरे के दौरान वैज्ञानिकों व अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को रसायनों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें और मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए तुरंत कदम उठाएं। जैविक व प्राकृतिक खेती तथा वैज्ञानिक मृदा प्रबंधन को बढ़ावा दें। विधायक ने बताया कि सरकार की ओर से हाल ही में क्षेत्र के खेतों की मिट्टी का हाईटेक प्रयोगशाला में विस्तृत परीक्षण करवाया गया था।
केंद्र के एसोसिएट डायरेक्टर एवं प्रमुख डॉ. विपिन गुलेरिया ने संस्थान में संचालित अनुसंधान गतिविधियों, नवीन तकनीकों और किसानों के हित में चलाए जा रहे प्रोजेक्ट्स की विस्तृत जानकारी दी। डॉ. रेणु ने बताया कि वैज्ञानिकों की ओर से आगामी किसान प्रशिक्षण शिविरों में मृदा परीक्षण और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन के विषय को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा।
इससे पहले विधायक ने नाग मंदिर जठेरे पठानिया (नागाबाड़ी) में पूजा-अर्चना की। स्थानीय लोगों की ओर से मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के निर्माण की मांग पर उन्होंने इसे शीघ्र पूरा करने का भरोसा दिया। बताया कि फोरलेन पर फुटओवर ब्रिज का निर्माण पहले ही पूरा करवा दिया गया है।
एचपी शिवा प्रोजेक्ट से चार करोड़ स्वीकृत
विधायक ने बताया कि एचपी शिवा परियोजना के तहत बुनियादी गतिविधियों और अधोसंरचना विस्तार के लिए लगभग चार करोड़ रुपये की राशि दी गई है। डॉ. विपिन गुलेरिया ने बताया कि जाच्छ केंद्र में हरड़ और लसूढ़े की उन्नत किस्में तैयार की जा रही हैं। इसके साथ ही ''पूसा'' समेत आम की विभिन्न उन्नत किस्मों पर फील्ड ट्रायल चल रहे हैं।
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जल निकासी समस्या पर एनएचएआई को दिए निर्देश
हाईवे निर्माण के कारण अनुसंधान केंद्र परिसर में बरसात के पानी की निकासी बाधित होने पर विधायक ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों को जल निकासी की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।