-सोलर पैनल और डीजल पंप की मदद से पहुंचाया जाएगा पानी
-वन विभाग 15 से 20 लाख रुपये तक करेगा खर्च
तिलक राज
धर्मशाला। ट्रेकिंग रूट त्रियूंड और गलू में पर्यटकों को जल्द ही प्राकृतिक पेयजल की सुविधा मिल सकती है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या और पानी की कमी को देखते हुए वन विभाग ने त्रियूंड नाला से गलू तक पानी पहुंचाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
सोलर पैनल और डीजल पंप की मदद से पानी को ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा। सोलर पैनल के उपयोग से यह परियोजना पर्यावरण के अनुकूल होगी जबकि डीजल पंप बैकअप के रूप में काम करेगा। इस परियोजना के लिए वन विभाग ने 15 से 20 लाख रुपये तक खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
विभाग का उद्देश्य आगामी पर्यटन सीजन से पहले इस योजना को पूरा करना है। वर्तमान में त्रियूंड और गलू जैसे ट्रेकिंग मार्गों पर पीने के पानी की कमी एक बड़ी समस्या है।
प्लास्टिक बोतलों पर रहेगा प्रतिबंध
पानी की बेहतर व्यवस्था होने के उपरांत इन ट्रेकिंग रूटों पर प्लास्टिक बोतलों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा ताकि पर्यावरण और ट्रेकिंग स्थलों को स्वच्छ रखा जा सके। पर्यटक केवल स्टील की बोतल ही साथ ले जा सकेंगे।
पानी की व्यवस्था होने के बाद यहां पर वुडन टैप बनाएं जाएंगे। बचे हुए पानी को विभाग विश्राम गृह में प्रयोग करेगा। 10 हजार लीटर क्षमता वाला एक टैंक बनाया जाएगा जिसमें पहले पानी को स्टोर किया जाएगा। उसके बाद समय-समय पर पानी को छोड़ा जाएगा ताकि पर्यटकों को पीने के पानी दिक्कत न हो।
-अमित शर्मा, डीएफओ, वन मंडल धर्मशाला