धर्मशाला। जिला कांगड़ा में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को संचालित करने वाले ऑपरेटरों और पायलटों के पैराग्लाइडर और उड़ानों के दौरान प्रयोग होने वाले सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाएगी। पर्यटन विभाग की टीम इन उपकरणों को जांचने के लिए पैराग्लाइडिंग साइटों का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान विभाग के पास पंजीकृत पायलटों के पैराग्लाइडर से संबंधित सभी उपकरणों को जांचा जाएगा और इनमें कोई कमी पाई जाती है तो 15 सितंबर से पूर्व इन्हें दूर करने के निर्देश भी दिए जाएंगे।
बरसात के मौसम में 15 जुलाई से 15 सितंबर तक इन गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। इस प्रतिबंधित समयावधि के दौरान इन गतिविधियों से जुड़े ऑपरेटरों को साइट की मरम्मत सहित अन्य रखरखाव संबंधी कार्याें को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कांगड़ा में विभाग की ओर से 4 पैराग्लाइडिंग साइट चिह्नित की गई हैं लेकिन इनमें से 2 इंद्रूनाग और बीड़ बिलिंग साइटों पर ही उड़ानों की मंजूरी है। धर्मशाला के समीपवर्ती नरवाणा साइट की तीन वर्ष की मंजूरी का समय पूरा होने के चलते इसे बंद किया गया है और ज्वालामुखी के बिल पट्टियां में इसे शुरू नहीं किया जा सका है।
विभाग के पास पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को संचालित करने के लिए 60 ऑपरेटर पंजीकृत हैं जिनमें 384 पायलट हैं। इनमें से 334 पायलटों ने विभाग की ओर से निर्धारित एसआईबी कोर्स किया है और वे उड़ान के लिए अधिकृत हैं। इन सभी पायलटों के उपकरणों को विभाग की ओर से जांचा जाएगा। उधर, जिला पर्यटन विकास अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि इंद्रूनाग और बीड़ बिलिंग साइटों पर पंजीकृत पायलटों के पैराग्लाइडर और सुरक्षा उपकरणों की जांच 15 सितंबर से पहले की जाएगी। इसमें कोई कमी पाई जाती है तो उन्हें निर्देश दिए जाएंगे।