नूरपुर में मानसून सीजन के दौरान आपदा से निपटने के दृष्टिगत आयोजित मॉकड्रिल में हिस्सा लेते कर्म
धर्मशाला/कांगड़ा (टीम)। जिला कांगड़ा में शुक्रवार को जिला मुख्यालय धर्मशाला सहित उपमंडल स्तर पर मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल में बरसात के दौरान आने वाली बाढ़ और भूस्खलन से लोगों को बचाने और सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया गया। धर्मशाला के चैतड़ू में बाढ़ की स्थिति में खड्ड के किनारे बसे प्रवासियों को बाढ़ के दौरान सुरक्षित निकालने सहित घायलों को अस्पताल पर पहुंचाया गया। इस दौरान आपदा प्रबंधन, प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों ने अपना सहयोग दिया। डीसी हेमराज बैरवा ने कहा कि मॉक ड्रिल का मकसद आपदा के समय में जिला प्रशासन की आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना और मानक संचालन प्रक्रियाओं का मूल्यांकन करना था। इसमें प्रतिक्रिया में लगने वाले समय, समन्वय में गैप समेत अन्य कमियों को जांचा गया।
साथ ही फील्ड में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं की पहचान की गई। इससे प्राप्त सीख और अनुभव के आधार पर आगे सुधारात्मक कदम उठा कर आपदा प्रबंधन योजना को और कारगर बनाने में मदद मिलेगी। जिले भर में सुबह 10 बजे से मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। शुक्रवार को राजा का तालाब में भूकंप से बचने के गुर सिखाए। इस दौरान बच्चों ने भूकंप से बचने के लिए अपने बैग सिर पर उठा लिए और कमरों से बाहर निकल आए। वहीं, राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लंज में भूकंप सुरक्षा संबंधित अभ्यास का आयोजन प्रधानाचार्य राकेश शर्मा की अध्यक्षता में किया गया। इसके अलावा शहीद अजय सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भटेच्छ में प्रधानाचार्य शमशेर सिंह और आपदा प्रबंधन नोडल अधिकारी शम्मी कुमार की अध्यक्षता में बच्चों से भूकंप से बचने के लिए पूर्वाभ्यास करवाया।
विधानसभा क्षेत्र शाहपुर की बोह घाटी में अभ्यास हुआ, इसमें शुक्रवार सुबह आई बाढ़ और भूस्खलन में करीब 14 लोगों की जान बचाई। रेस्क्यू ऑपरेशन को शाहपुर के एसडीएम करतार चंद ने लीड किया और 14 लोगों को बचाया। वहीं, नूरपुर की पंद्रेहड़ और लदोड़ी पंचायत में भी मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसके अलावा कोटला में एसडीएम जवाली विचित्र सिंह ठाकुर ने ड्रिल के मौके पर प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए अपने स्तर पर तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। कांगडा में मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन एसडीएम इशांत जसवाल की देखरेख में आयोजित किया गया। बैजनाथ के सेहल में चंगर विद्युत प्रोजेक्ट के पास बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।