धर्मशाला। जिला मुख्यालय धर्मशाला में लोगों को सुरक्षा देने वाले पुलिस जवान खुद हैं असुरक्षित है। यहां पुलिस विभाग का आवासीय भवन गिरने के कगार पर है। इस दोमंजिला भवन की छत क्षतिग्रस्त हो चुकी है, लेकिन अभी तक इसकी मरम्मत का कार्य नहीं हो पाया है। बारिश के दौरान छत का पानी कमरे में टपक रहा है। इससे अन्य कमरों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
अगर समय रहते इस भवन की मरम्मत न हुई तो यह भवन जमींदोज हो सकता है। बीते साल पुलिस मैदान धर्मशाला में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। उस दौरान मैदान में लगाया एल्यूमीनियम का डोम तिरपाल समेत उड़कर इस भवन की छत के ऊपर जा गिरा था। इससे पुलिस विभाग के आवासीय भवन की छत क्षतिग्रस्त हो गई। हैरानी की बात यह है कि पुलिस मैदान धर्मशाला में सालभर कई तरह के आयोजन चले रहते हैं। पुलिस मैदान में विभिन्न निजी और राजनीतिक आयोजनों से पुलिस विभाग को अच्छी-खासी कमाई भी होती है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक आवासीय भवन की क्षतिग्रस्त छत को ठीक नहीं किया जा सका है।
विधानसभा, लोकसभा, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री समेत राष्ट्र की अन्य प्रतिष्ठित विभूतियों के धर्मशाला आगमन पर शांति-कानून, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में तैनात पुलिस बल के लिए इसी क्षतिग्रस्त भवन में ठहरने की व्यवस्था रहती है। अभी हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक चुनावी रैली को यहां पर संबोधित किया था।
यहां बच्चों की भी होती है देखभाल
पुलिस विभाग के इसी क्षतिग्रस्त भवन में क्रेच एवं चाइल्ड केयर सेंटर भी चलता रहा है, जहां शिशुओं, बच्चों और छोटे बच्चों की देखभाल की जाती है। स्थानीय लोगों विशाल शर्मा, प्रदीप शर्मा, अशोक पठानिया और वीरेंद्र सिंह ने पुलिस विभाग और प्रदेश सरकार से मांग की है कि पुलिस विभाग के इस आवासीय भवन को जल्द दुरुस्त किया जाए। ताकि यह भवन गिरने से बच सके।
यह मामला उनके ध्यान में है। जल्द ही पुलिस विभाग क्षतिग्रस्त भवन की मरम्मत करवाई जाएगी।
शालिनी अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा