अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीई) का छह माह का प्रशिक्षण हासिल न करने वाले अभ्यर्थी भी अब स्पेशल एजुकेटर बन सकेंगे।
शिक्षा बोर्ड ने स्पेशल एजुकेटर की अध्यापक पात्रता परीक्षा के पहले मांगे गए आवेदनों के लिए रखी शर्तों में संशोधित किया है। अब स्पेशल एजुकेटर टेट के लिए पात्र अभ्यर्थी 7 से 6 मई तक बिना विलंब शुल्क के आवेदन कर सकेंगे।
जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड जून में अध्यापक पात्रता परीक्षा (टेट) का आयोजन करने जा रहा है। इस बार पहली बार विशेष शिक्षकों के लिए भी टेट का आयोजन होगा, जिसके लिए बोर्ड प्रबंधन ने अप्रैल से आवेदन मांगे हैं।
बोर्ड की ओर से मांगे गए इन आवेदनों में भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) से समावेशी शिक्षा में क्रॉस डिसेबिलिटी क्षेत्र में शिक्षण का जेबीटी और बीएड के साथ छह महीने का प्रशिक्षण मांगा था लेकिन बोर्ड प्रबंधन के ध्यान में आया है कि आरसीआई पिछले कुछ वर्षों से इस प्रशिक्षण को आयोजित नहीं कर रहा है।
इसके चलते अभ्यर्थी इस विशेष शिक्षक टेट-2025 के लिए उपस्थित होने की एक शर्त को पूरा नहीं कर पा रहे थे। परिणामस्वरूप, कुछ उम्मीदवार उपरोक्त शिक्षक पात्रता परीक्षा में उपस्थित नहीं हो पाए हैं। इसके चलते बोर्ड प्रबंधन ने अब छह माह के प्रशिक्षण की शर्त को हटा दिया है।