बरियाल (कांगड़ा)। स्वच्छ भारत अभियान के तहत खुले में शौच पर रोक लगाने के लिए सरकार हर घर में शौचालय निर्माण पर जोर दे रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां क्षेत्र की पंचायत जरपाल के गांव गूहण में ईंट भट्ठों और स्टोन क्रशरों पर काम करने वाले मजदूर शौचालय की सुविधा न होने के कारण खुले में शौच करने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार गज्ज खड्ड के किनारे स्थित इन कार्यस्थलों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए मालिकों ने अस्थायी रहने की व्यवस्था तो कर दी है, लेकिन शौचालय का प्रावधान नहीं किया गया है। इसके चलते मजदूरों को खुले में शौच करना पड़ रहा है, जिससे क्षेत्र में गंदगी फैल रही है और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी गगन सिंह, कैप्टन चैन सिंह, सर्वदीप पठानिया, दिनेश पठानिया और मनकोटिया ने बताया कि यहां काम करने वाले अधिकतर मजदूर अन्य राज्यों से आते हैं। रहने की सुविधा मिलने के बावजूद शौचालय न होने से उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
एफएम रेडियो अमलेला के प्रबंध निदेशक गगन पठानिया ने बताया कि स्वच्छ उज्ज्वल गांव की कहानी कार्यक्रम के तहत किए गए सर्वे में पाया गया कि गूहण स्थित ईंट भट्ठे पर शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके कारण गज्ज खड्ड के आसपास गंदगी फैल रही है और वहां से गुजरने वाले लोगों को दिक्कत हो रही है।
इस मामले पर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) नगरोटा सूरियां मनोज शर्मा ने कहा कि पंचायत जरपाल के सचिव को मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में शौचालय की व्यवस्था नहीं पाई जाती है तो संबंधित मालिकों को तुरंत निर्माण के निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही चेतावनी दी जाएगी कि भविष्य में मजदूरों को खुले में शौच के लिए मजबूर पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।