धर्मशाला। जिला कांगड़ा के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को परोसे जा रहे पोषाहार की गुणवत्ता और निर्धारित डाइट चार्ट की अब नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। पोषण संबंधी गतिविधियों में निरंतरता बनाए रखने के लिए नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को भी इस निगरानी प्रक्रिया से सक्रिय रूप से जोड़ा जाए।
एडीसी विनय कुमार ने सोमवार को लघु सचिवालय धर्मशाला में आयोजित जिला स्तरीय अंतर-विभागीय समन्वय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश दिए। बैठक में 9 सितंबर से 8 अक्तूबर तक मनाए जाने वाले 9वें राष्ट्रीय पोषण माह की रूपरेखा तैयार की गई। इसमें महिला एवं बाल विकास, आयुष, शिक्षा, पंचायती राज, जल शक्ति, कृषि तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।
एडीसी ने बताया कि जिले में वर्तमान में 4,226 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से लगभग 400 केंद्रों में पोषण वाटिकाएं तैयार की जा चुकी हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के तहत गांवों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एनीमिया जांच शिविर, डिजिटल ट्रैकिंग और पोषण रैलियां आयोजित की जाएं। मेरी आंगनबाड़ी, मेरी जिम्मेदारी के तहत पारंपरिक पौष्टिक आहार और स्थानीय व्यंजनों की प्रदर्शनियों लगाकर लोगों को जागरूक किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए मिशन तृप्ति के तहत छह माह की आयु पूरी होने पर शिशुओं को सही समय पर पूरक आहार देना सुनिश्चित किया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर और पंचायत प्रतिनिधि मिलकर इसकी निगरानी करें। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखकर खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की अपील की।