रंगस/नादौन (हमीरपुर)। विकास खंड नादौन की ग्राम पंचायतों ने पर्यटन विकास और ऐतिहासिक जल स्रोतों के जीर्णोद्धार में अहम योगदान दिया है। मनरेगा और वित्त आयोग की राशियों से ये कार्य करवाए गए हैं, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
इसी के तहत पखरोल में दिव्य वैकुंठ धाम तैयार किया जा रहा है, जिसमें शेषनाग पर लेटे भगवान विष्णु की 14 फीट लंबी मूर्ति व सभी 10 अवतारों की मूर्तियां लगेंगी। ग्राम पंचायत अमलैहड़ के भवड़ा में गुग्गा धाम का निर्माण किया गया है। इसमें 20 फीट ऊंची गुग्गा महाराज की रथ पर सवार मूर्ति स्थापित की जाएगी। इनका निर्माण पूरा होने पर भक्त जल्द ही दर्शन कर पाएंगे।
वहीं, इससे पहले पंचायत फस्टे में पांडवों के समय के निर्मित श्री बिल्वकालेश्वर मंदिर के समीप 15 फीट ऊंचा कैलाश पर्वत का प्रतिरूप, 22 फीट ऊंची गंगाधरेश्वर शिव की मूर्ति और लगभग 40 लाख रुपये की लागत से शानदार पार्क स्थापित किया गया है। ग्राम पंचायत गौना द्वारा पखरोल में लगभग 12 लाख रुपये की लागत से पुराने तालाब का जीर्णोद्धार कर भव्य पार्क बनाया गया है।
इससे अलावा ग्राम पंचायत चौडू में व्यास के किनारे पताजी पत्तन स्थल पर 12 लाख रुपये की लागत से खूबसूरत व्यास धाम का विकास किया गया है। ग्राम पंचायत जलाड़ी की ओर से लगभग 200 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक नौण का जीर्णोद्धार कर उसका सौंदर्यीकरण किया गया है। ग्राम मझियार में भी पुराने तालाब का जीर्णोद्धार कर सुंदर पार्क बनाया जा रहा है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती : शर्मा
खंड विकास अधिकारी निशांत शर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायतों की ओर से मनरेगा व वित्त आयोग की राशियों से ये कार्य करवाए गए हैं। इससे न सिर्फ प्राचीन जल स्रोत पुनर्जीवित हुए, बल्कि ग्रामीण पर्यटन विकास की दिशा में भी अहम कार्य हुए हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। स्थानीय युवाओं व महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए रोजगार के साधन सृजित होंगे और नादौन पर्यटन की पहचान निखरेगी।
विकास खंड नादौन की ग्राम पंचायतों में हुए जीर्णोद्धार कार्य। स्रोत : जनसंपर्क विभाग