बरसात से पहले लोक निर्माण विभाग ने निकाली थी बरनेट-घेरा तक कच्ची सड़क
सड़क बनने से मैक्लोडगंज से सीधे जुड़ जाएगा शाहपुर विधानसभा क्षेत्र का धारकंडी
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज से डलहौजी को जोड़ने वाले प्रस्तावित धौलाधार एक्सप्रेस-वे के लिए अभी तक बजट की आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने समय गंवाए बिना अपने स्तर पर काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में सतोवरी से बरनेट होते हुए घेरा तक करीब तीन किलोमीटर पक्की सड़क बनाने का लक्ष्य तय किया है।
इस ग्रामीण क्षेत्र को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए विभाग ने बरसात से पहले ही जेसीबी की मदद से बरनेट से घेरा तक कच्ची सड़क तैयार कर दी थी। हालांकि, इस मार्ग पर एक बड़ा नाला भी आता है, जिस पर पुल बनाने की आवश्यकता है। पुल बनने के बाद इस कच्ची सड़क से घेरा तक वाहनों की आवाजाही संभव हो जाएगी।
इस सड़क में कई छोटी-छोटी नालियां भी हैं, जिनके लिए कंकरीट की गोल पाइपें बिछाई जाएंगी। इसके लिए सप्लाई ऑर्डर पहले ही भेजा जा चुका है। लोक निर्माण विभाग का उद्देश्य है कि एक्सप्रेस-वे परियोजना को केंद्र और प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलने से पहले ही इस क्षेत्र को सड़क नेटवर्क से जोड़ दिया जाए। वर्तमान में घेरा, सेरी और धारकंडी क्षेत्र के अधिकतर लोग मैक्लोडगंज पहुंचने के लिए सतोवरी और नड्डी के रास्ते पैदल सफर करते हैं।
वहीं, कुछ साधन संपन्न परिवार चड़ी, घरोह और धर्मशाला होकर निजी वाहनों या बसों से सफर करते हैं। बरनेट से घेरा तक सीधी सड़क बनने से न केवल लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि करीब 15 किलोमीटर का सफर कम हो जाएगा। इस पहल से जहां ग्रामीण क्षेत्रों को नई राह मिलेगी, वहीं धौलाधार की वादियों में पर्यटन विकास को भी पंख लगेंगे।
कोट
धौलाधार एक्सप्रेस-वे के तहत 10 करोड़ रुपये की डीपीआर बजट मंजूरी के लिए भेजी गई है। लेकिन जब तक बजट पास नहीं होता, विभाग स्टेट हेड से फंड लेकर बरनेट से घेरा तक तीन किलोमीटर की सड़क का निर्माण शुरू कर रहा है। निर्माण सामग्री के ऑर्डर भी दे दिए गए हैं और काम जल्द शुरू होगा। - दिनेश शर्मा, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग धर्मशाला
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