धर्मशाला। नगर निगम क्षेत्र में 20 हजार से अधिक भवन हैं। इनमें मकान, होटल, रेस्तरांं सहित अन्य व्यावसायिक परिसर शामिल हैं। निगम को करीब 3,000 भवन मालिकों से ही संपत्ति कर मिल रहा है। इससे निगम को हर साल करोड़ों का नुकसान हो रहा है। कई बार नगर निगम की ओर से ऐसे कारोबारियों और मकान मालिकों को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं लेकिन इसके बावजूद लोग टैक्स भरने में आनाकानी कर रहे हैं। अगर निगम को समय-समय पर टैक्स मिलता रहे तो इससे उनकी आय बढ़ेगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी।
जानकारी के मुताबिक धर्मशाला में मौजूदा समय में करीब चार करोड़ रुपये का संपत्ति कर लोगों ने जमा नहीं करवाया है। इसके अलावा डोर टू डोर कूड़ा उठाने का पैसे भी लोगों ने लटका रखा है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि हर किसी को टैक्स देना ही पड़ेगा। वहीं, मार्च, 2020 के बाद का टैक्स मर्ज एरिया वाले लोगों को भी चुकाना होगा। इसके लिए वहां के लोगों और कारोबारियों को कोई रियायत नहीं मिलेगी। यानी पांच साल का टैक्स देना ही पड़ेगा।
ग्रीन बिल्डिंग पर होगी 50 फीसदी छूट
जानकारी के मुताबिक प्रॉपर्टी टैक्स में कई लोगों को निगम कुछ छूट भी देगा। निगम में जिस व्यक्ति ने ग्रीन भवन का निर्माण किया होगा, उसे टैक्स में 50 फीसदी छूट दी जाएगी। ग्रीन बिल्डिंग उस भवन को कहा जाता है जिसके निर्माण में पर्यावरण का पूरा ध्यान रखा जाता है। इस तरह के भवन में प्राकृतिक संपदा का उपयोग ज्यादा किया जाता है। बिजली-पानी और अन्य संसाधनों की खपत आम भवनों के मुकाबले कम होती है।
समय पर टैक्स चुकाने वालों को भी मिलेगी छूट
नगर निगम क्षेत्र में जो लोग अपना संपत्ति कर समय-समय पर चुकाते रहेंगे, उनको निगम की ओर से टैक्स में रियायत की जाएगी। हर माह या हर साल टैक्स भरने वालों का टैक्स कम किया जाएगा। वहीं, समय पर टैक्स न देने वालों को जुर्माना लगाया जाएगा और साथ में बिजली-पानी के कनेक्शन भी काटे जा सकते हैं।
नगर निगम क्षेत्र में 20 हजार से अधिक मकान और व्यावसायिक परिसर हैं. उनमें से करीब तीन हजार लोग ही संपत्ति कर चुका रहे हैं। इससे निगम की आय भी प्रभावित हो रही है। प्रॉपर्टी सर्वे पूरा होने के बाद हर किसी से टैक्स लिया जाएगा। समय पर टैक्स न देने वालों को जुर्माना लगाया जाएगा।
- जफर इकबाल, आयुक्त, नगर निगम धर्मशाला