बाड़बंदी के लिए किया 22 लाख रुपये का प्रावधान, मंजूरी के बाद शुरू होगा कार्य
डाढ़ के बमनेड़, कांगड़ा की फ्लोर मिल, कछयारी और सहौड़ा में चार जगह हैं मंदिर की जमीनें
अमन पठानिया
कांगड़ा। शक्तिपीठ मां बज्रेश्वरी के नाम जिले के अलग-अलग स्थानों पर दर्ज करीब सौ कनाल भूमि पर मंदिर प्रशासन जल्द ही बाड़बंदी करवाएगा। राजस्व रिकॉर्ड में माता के नाम कांगड़ा और इसके समीपवर्ती इलाकों में सैकड़ों कनाल भूमि चढ़ी हुई है। मंदिर प्रशासन ने लंबे समय तक कड़ी मशक्कत के बाद राजस्व रिकाॅर्ड में दर्ज मां बज्रेश्वरी के नाम निकली भूमि को चिह्नित कर लिया है।
अब
इस जमीन
की फेंसिंग करवाकर वहां माता के नाम का बोर्ड लगाकर चारों ओर से बंद करवा दिया जाएगा। फेंसिंग के लिए बजट का प्रावधान होते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा भी कांगडा में ऐसी कई संपत्तियां हैं, लेकिन उन पर कंस्ट्रक्शन की गई है। राजस्व रिकॉर्ड खंगालने पर मां बज्रेश्वरी के नाम डाढ़ के बमनेड़ में करीब 62 कनाल भूमि पाई गई है। वहीं, कांगड़ा की फ्लोर मिल के समीप 22 कनाल जमीन है। इसके अलावा कछयारी में 10 कनाल, सहौड़ा में करीब आठ कनाल भूमि माता के नाम है। मौजूदा समय में आसमान छूती जमीन की कीमतों के हिसाब से माता के नाम खाली पड़ी करीब सौ कनाल जमीन की कीमत का अंदाजा हर कोई खुद लगा सकता है। ऐसे में यह जमीन मंदिर की आय में बढ़ोतरी में कारगर साबित हो सकती हैं, अगर यहां मास्टर प्लान के तहत काम हो।
लंबे प्रयास के बाद राजस्व रिकाॅर्ड से मां बज्रेश्वरी के नाम से दर्ज जमीन चिन्हित की गई है। इस जमीन पर फेंसिंग के लिए 20 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। बजट स्वीकृत होते ही यहां बाड़बंदी करवा दी जाएगी। साथ ही माता के नाम से सभी संपत्तियों पर बोर्ड लगाया जाएगा। माता के नाम दर्ज इस जमीन पर नियमों के अनुसार कब्जा नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा भी कांगड़ा में माता के नाम संपत्तियां हैं। इन पर कुछ दुकानें या अन्य तरह का निर्माण किया गया है। -नीलम कुमारी, मंदिर अधिकारी