परागपुर कस्बे को जाने वाले रास्ते के हाल। जागरूक पाठक
परागपुर (कांगड़ा)। क्षेत्र का मुख्य मार्ग दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। यह कस्बे से जुड़ने वाला एकमात्र मार्ग है लेकिन शासन-प्रशासन की अनदेखी लोगों पर भारी पड़ रही है। रास्ते की हालत इतनी दयनीय है कि 40 वर्ष पुराने निजी स्कूल के बच्चों और स्टाफ को भी रोजाना भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
हल्की बारिश होते ही मार्ग तालाब में बदल जाता है। इससे पैदल चलना दूभर हो जाता है। हैरानी की बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के कई मुख्यमंत्री और अधिकारी इसी मार्ग से होकर आए हैं फिर भी किसी ने इसका स्थायी समाधान नहीं किया। इस पर बार-बार बजरी डालकर अस्थाई समाधान कर दिया जाता है लेकिन पानी की निकासी की समस्या अभी बरकरार है।
वाहन चालकों और राहगीरों नरेश, अजय, संदीप, कपिल, मनोज, पवन, रितिश, सुरेश और संजीव आदि ने गुहार लगाई है कि इस समस्या के समाधान के लिए अब प्रशासन को केवल खानापूर्ति करने के बजाय ठोस कदम उठाने की जरूरत है। सबसे पहले विभाग को बिना किसी देरी के इस रास्ते के दोनों ओर पक्की और गहरी नालियों का निर्माण करना चाहिए ताकि बारिश का पानी सड़क पर रुकने के बजाय बाहर निकल सके। जलभराव की स्थिति में भी रास्ता सुरक्षित रहे और स्कूल जाने वाले नौनिहालों, वाहन चालकों और राहगीरों को गंदगी से न गुजरना पड़े।
स्कूल के समीप स्थित मार्ग लोक निर्माण विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। विभाग की ओर से इसका निर्माण या मरम्मत करवाना संभव नहीं है। यदि इस विशेष कार्य के लिए विभाग को अलग से बजट या फंड आवंटित किया जाता है तो विभाग मरम्मत कर सकता है।
-राजन कौशल, सहायक अभियंता, लोनिवि उपमंडल परागपुर।