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Kangra News: स्कूलों के बंद होने का कारण शिक्षकों की कमी न कि कार्यशैली

Fri, 26 Dec 2025 12:36 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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लंबागांव/पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों के बंद होने को लेकर कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार के बयान पर जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ने कड़ा एतराज जताया है। संघ का कहना है कि नगरोटा सूरियां में दिए गए मंत्री के बयान से प्रदेश भर के शिक्षकों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है, जिसमें 450 स्कूलों के बंद होने के लिए शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराया गया। इस मुद्दे को लेकर वीरवार को प्राथमिक शिक्षक संघ जिला कांगड़ा की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्कूलों के बंद होने का मुख्य कारण शिक्षकों की कमी है, न कि शिक्षकों की कार्यशैली। संघ ने कहा कि कई स्कूल वर्षों से बिना अध्यापक या अधूरे स्टाफ के चल रहे हैं। मजबूरी में अभिभावक अपने बच्चों को निजी या दूर-दराज के स्कूलों में भेजने को विवश हो रहे हैं।
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संघ के अनुसार पूरे हिमाचल प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों में करीब 4,500 पद रिक्त पड़े हैं। अकेले जिला कांगड़ा में ही लगभग 436 पद खाली हैं जबकि 10 से 11 स्कूल ऐसे हैं जो बिना किसी अध्यापक के संचालित हो रहे हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार से मांग की है कि रिक्त पदों को भरने के लिए समयबद्ध और स्थायी नीति बनाई जाए। संघ ने यह भी बताया कि प्रदेश के कई स्कूलों में पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्कर के पद भी खाली हैं। ऐसे में सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का जिम्मा भी अध्यापक को ही उठाना पड़ता है।
संघ का कहना है कि शिक्षकों पर दोषारोपण करने के बजाय व्यवस्था पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है। बैठक में हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य कार्यकारी अध्यक्ष संजय पीसी, कोषाध्यक्ष अनिल भाटिया, जिला कांगड़ा के मुख्य संरक्षक हरिओम शर्मा, जिला अध्यक्ष कुलदीप पठानिया, जिला महासचिव दिनेश राणा, जिला कोषाध्यक्ष राकेश शर्मा सहित जिला कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।
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