पालमपुर/पंचरुखी (कांगड़ा)। पंचरुखी की पंचायत लदोह में एक सांड के हमले से मुख्याध्यापक बाल-बाल बच गए। मुख्याध्यापक पेड़ पर न चढ़े होते तो उनके साथ कोई भी हादसा हो सकता था। सांड इतना आक्रामक हो गया था कि पेड़ को भी टक्कर मारता रहा। मुख्याध्यापक की करीब 20 मिनट तक पेड़ पर सांसें अटकी रहीं।
जानकारी के अनुसार लदोह पंचायत के एक स्कूल के मुख्याध्यापक शाम को सैर पर निकले थे। इसी दौरान रास्ते में किसी ने अपनी गाय खूंटे से बांध रखी थी और वहां एक लावारिस सांड भी पहुंच गया। गाय की मालिक महिला और उसकी बच्चियां शाम को गाय लेने के लिए वहां पहुंचीं तो उन्होंने सांड की ओर ध्यान नहीं दिया था। इसके बाद जैसे ही उन्होंने गाय को खूंटे से छोड़ा तो सांड मां-बेटी पर भी टूट पड़ा। यह देख वहां से गुजर रहे मुख्याध्यापक ने जैसे-तैसे सांड को पत्थर और डंडों से डराकर रोका। महिला और बच्चियों को तो सांड से बचा लिया गया लेकिन वह मुख्याध्यापक के पीछे पड़ गया। यह देख अपनी जान बचाने के लिए मुख्याध्यापक भाग कर पेड़ पर चढ़ गए। सांड करीब 20 मिनट तक पेड़ को टक्कर मारता रहा। जब वहां से गुजर रहे किसी राहगीर ने सांड को देखा तो उसे वहां से भगाया, तब मुख्याध्यापक की जान में जान आई। पूर्व प्रधान सुरेश ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र में इतने लावारिस पशु हो गए हैं कि लोग अब खेती करना भी छोड़ रहे हैं।