योल (कांगड़ा)। योल छावनी बोर्ड के विलय के बाद बनी चार नई पंचायतों लैहसर, बणी, चतेहड़ और नरवाणा को लेकर पंचायती राज विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूर्व कैंटोनमेंट बोर्ड का बकाया हाउस टैक्स पंचायत द्वारा लगाया गया टैक्स नहीं माना जाएगा। ऐसे में टैक्स बकाया होने के बावजूद लोग पंचायत चुनाव लड़ सकेंगे।
निदेशक पंचायती राज विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यह बकाया पूर्व कैंट बोर्ड के समय का लंबित कर है, इसलिए केवल इसी आधार पर किसी उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। विभाग ने यह भी माना कि यदि पुराने कैंट बोर्ड के टैक्स को आधार बनाकर लोगों को चुनाव लड़ने से रोका जाता है तो इससे संबंधित क्षेत्रों के लोगों के साथ भेदभाव की स्थिति उत्पन्न होगी।
चार दिन से योल की चारों पंचायतों के लोग पंचायत निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले जिलाधीश कार्यालय में चुनाव के दौरान लगाए गए टैक्स का विरोध कर रहे थे। शुक्रवार सुबह विभाग की ओर से जारी आदेश के बाद क्षेत्र में राहत और उत्साह का माहौल बन गया।
हालांकि कुछ संभावित उम्मीदवार पहले ही टैक्स जमा करवा चुके हैं लेकिन नए फैसले के बाद अब अधिक संख्या में प्रत्याशियों के नामांकन भरने की संभावना बढ़ गई है। स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों में भी पंचायत चुनावों में सक्रिय भागीदारी को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस फैसले से पंचायत चुनाव अधिक प्रतिस्पर्धात्मक और रोचक होंगे।