लंबागांव (कांगड़ा)। कोसरी पंचायत से जुड़े चर्चित विवाद में मंडलायुक्त अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए वार्ड सदस्य को राहत प्रदान की है। अदालत ने उपायुक्त कांगड़ा द्वारा जनप्रतिनिधि को पद से हटाने और छह वर्ष तक चुनाव लड़ने पर रोक लगाने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। मंडलायुक्त संदीप कुमार की अदालत ने इस आदेश को निरस्त करते हुए मामले को पुनर्विचार के लिए वापस उपायुक्त के पास भेज दिया है।
यह अपील कोसरी पंचायत के वार्ड पंच चंद्रशेखर निवासी देहरू की ओर से दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पंचायतों की सीमाएं स्पष्ट रूप से चिह्नित नहीं हैं। इसके कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ। अदालत ने माना कि जिस सुरक्षा दीवार का निर्माण किया गया, वह व्यक्तिगत सुरक्षा के मद्देनजर था और इसमें किसी भी प्रकार की दुर्भावना का प्रमाण नहीं मिला।
वहीं, सोलर लाइट के स्थान परिवर्तन को भी तकनीकी कारणों से किया जाना सही पाया गया। मंडलायुक्त अदालत ने उपायुक्त के पिछले आदेश को यांत्रिक और अत्यधिक कठोर करार दिया। अदालत ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि अपीलकर्ता को अपना पक्ष रखने के लिए व्यक्तिगत सुनवाई का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। इन तकनीकी और कानूनी आधारों पर पिछले आदेश को रद्द कर दिया गया है। अब उपायुक्त कांगड़ा को इस मामले पर सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर दोबारा निर्णय लेना होगा। संवाद