धर्मशाला। जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीमा कंपनी को शिकायतकर्ता को दो लाख बीमा राशि नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करने के आदेश दिए हैं। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। साथ ही बीमा कंपनी को शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये अदालती खर्च देने के लिए भी कहा है।
जानकारी के अनुसार रीता देवी निवासी गांव मझिहार, तहसील शाहपुर ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें उन्होंने कहा था कि उनके पति सुमन कुमार की 28 जून, 2022 को एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उनके पति अपने साथी के साथ शाहपुर से किसी काम से मंडी गए थे। इस दौरान पनारसा के पास आराम करने के लिए गाड़ी को सड़क के किनारे खड़ा किया। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। इससे सुमन कुमार की मौत हो गई।
उनके पति सुमन कुमार ने हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखा हटली में बचत खाता से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के तहत वर्ष 2022-2023 के लिए 12 रुपये का प्रीमियम देकर ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी से व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा लिया था। सुमन कुमार की मृत्यु के बाद जब क्लेम के लिए बैंक के माध्य से कंपनी से संपर्क किया तो दावे पर विचार करने से इनकार कर दिया। तर्क दिया कि दुर्घटना के समय गाड़ी सड़क के किनारे खड़ी थी और सुमन कुमार गाड़ी में सो रहे थे, जो बीमा नियमों के अनुसार कवर नहीं होते। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत कर दी, अब जिसके चलते आयोग ने यह फैसला सुनाया है। ब्यूरो