धर्मशाला। राष्ट्रीय लोक अदालत से पहले हुई सुनवाई में ज्योति बनाम रोहित के बीच अंतरिम भरण पोषण को लेकर समझौता हो गया। राष्ट्रीय लोक अदालत कम प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय धर्मशाला के अध्यक्ष डॉ. अरविंद मल्होत्रा ने मामले में समझौते के आधार पर आवेदन का निपटारा कर दिया।
समझौते के अनुसार पति को पत्नी और नाबालिग बेटी को दो-दो हजार रुपये प्रतिमाह अंतरिम भरण-पोषण देगा। यह राशि जनवरी 2026 से मुख्य याचिका की लंबित अवधि तक देय होगी। बेटी की राशि उसकी मां के माध्यम से दी जाएगी।
सुनवाई के दौरान पत्नी ने अपनी और नाबालिग बेटी की ओर से और पति ने संयुक्त रूप से शपथ पर बयान दिया कि उन्होंने अंतरिम भरण पोषण को लेकर विवाद आपसी सहमति से सुलझा लिया है।
दोनों पक्षों ने मुख्य याचिका में भरण-पोषण के मुद्दे को भी आपसी सहमति से सुलझाने का प्रयास करने की बात कही। अदालत ने दोनों पक्षों को समझौते की शर्तों का पालन करने का निर्देश देते हुए अंतरिम भरण पोषण आवेदन का निपटारा कर दिया।