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स्मार्ट सिटी में बेघरों को अभी भी नहीं मिले अपने आशियाने

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धर्मशाला नगर निगम कार्यालय। - फोटो : Kangra
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धर्मशाला। स्मार्ट सिटी धर्मशाला में वर्षों से अपने आशियाने का सपना देख रहे लोगों का इंतजार खत्म नहीं हो रहा है। उन्हें उम्मीद थी कि जनवरी के अंत तक उन्हें अपने घर मिल जाएंगे। लेकिन, ऐसा न होने से उनको निराशा ही हाथ लगी है।
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जानकारी के मुताबिक धर्मशाला शहर में गरीब परिवारों के लोगों के लिए चरान स्थित इंटीग्रेटिड हाउसिंग एंड स्लम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (आईएचएसडीपी) के तहत 168 मकानों का निर्माण किया गया है। नगर निगम धर्मशाला के अधिकारियों की ओर से जनवरी माह के अंत तक इस परियोजना का कार्य पूरा कर गरीबों को मकान उपलब्ध करवाने का दावा किया गया था। लेकिन, फरवरी माह समाप्त होने के बाद भी इन गरीब परिवारों को अपना आशियाना नहीं मिल पाया है।
क्या है परियोजना
दरअसल, साल 2006 से 2010 के बीच तत्कालीन नगर परिषद ने सर्वे किया था कि किन लोगों के पास अपने घर नहीं हैं। पूरे क्षेत्र में 194 ऐसे परिवार पाए गए थे। इन लोगों को अपने घर उपलब्ध करवाने के लिए इस स्कीम के तहत योजना बनाने का काम शुरू किया। वहीं साल 2016 में नगर निगम बनने के बाद मर्ज एरिया के दौरान विभाग की नजर चरान स्थित इस भूमि पर पड़ी और मौजूदा समय में 15 करोड़ की लागत से सात ब्लॉकों में 168 फ्लैटों का निर्माण किया गया है। इन फ्लैटों के लिए डेढ़ लाख रुपये की कीमत निर्धारित की गई है। मकान लेने के लिए लोगों ने पंजीकरण भी करवा दिया है।
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कुछ काम बाकी, डेढ़ माह में मिल जाएंगे मकान
स्मार्ट सिटी सीईओ एवं नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त प्रदीप ठाकुर ने बताया कि इस परियोजना को लेकर अभी भी कुछ कार्य अभी रह गया है। वहीं धर्मशाला में मैच के दौरान इस जगह को पार्किंग स्थल के रूप में चिह्नित किया गया था। एक-डेढ़ माह में काम पूरा होने के बाद लोगों को यह घर सौंप दिए जाएंगे।
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