धर्मशाला। प्रदेश शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के पाठ्यक्रम में प्रदेश के गौरवशाली इतिहास को भी सम्मिलित किया जाए। विदेशी आक्रांताओं और शासकों से पूर्व के प्रदेश के इतिहास को बच्चों को स्कूलों में पढ़ाया जाए, जिससे आने वाली पीढ़ियां अपने समृद्ध इतिहास से रू-ब-रू हो सकें। इसके लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाकर इन विषयों पर तथ्यपरक शोध कर इसे पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने की दिशा में काम करे। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सभागार में शुक्रवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने यह बात कही। इस दौरान मुख्य संसदीय सचिव शिक्षा आशीष बुटेल और बोर्ड के अध्यक्ष तथा उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल भी उपस्थित रहे।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे देश के साथ-साथ प्रदेश का इतिहास भी बहुत गौरवशाली रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि प्रदेश के कई हिस्सों विशेषकर जिला कांगड़ा का जिक्र महाभारत तक में आता है। उन्होंने कहा कि वीर राम सिंह पठानिया, जनरल जोरावर सिंह, पहाड़ी गांधी बाबा कांशीराम, प्रजा मंडल, डॉ. यशवंत सिंह परमार सरीखे विभुतियों और ऐतिहासिक घटनाक्रमों से हमारे बच्चे परिचित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस गौरवशाली इतिहास की जानकारी केवल इतिहास विषय पढ़ने वाले बच्चों तक सीमित न होकर सभी बच्चों तक पहुंचे, ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए।
रोहित ठाकुर ने कहा कि हमारे गर्वीले इतिहास में हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपराएं, कला और साहित्य भी आता है। इन सब विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश उन्होंने बोर्ड के अधिकारियों को दिए। कांगड़ा पेंटिंग से लेकर, हस्तशिल्प, लिपि, साहित्य और हमारे जनजातीय क्षेत्रों और वहां निवास करने वाले लोगों की परंपराएं-संस्कृति की जानकारी भी बच्चों तक स्कूली शिक्षा के माध्यम से पहुंचाने की दिशा में कार्य करना चाहिए।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने र्ड की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों से उनके कार्यों का ब्योरा लेते हुए, शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली को दुरुस्त करने के सुझाव दिए। इस दौरान सचिव स्कूल शिक्षा बोर्ड मेजर विशाल शर्मा, एसडीएम धर्मशाला धर्मेश रमोत्रा सहित स्कूल शिक्षा बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर करें काम: बुटेल
इस दौरान मुख्य संसदीय सचिव शिक्षा आशीष बुटेल ने अधिकारियों को बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर कार्य करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश शिक्षा बोर्ड की विश्वसनीयता इसी प्रकार बनी रहे इसके लिए पूर्ण निष्ठा से कर्मचारी काम करें। उन्होंने कहा स्कूलों में बच्चों को पढ़ाए जाने वाली पुस्तकें और अन्य सामग्री की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए।