फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kangra: टांडा मेडिकल काॅलेज में इसी माह होगा पहला रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट, मरीजों को मिलेगी सुविधा

Sat, 08 Nov 2025 11:22 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा।

सार

 अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत के बाद अब संस्थान में एक और बड़ी सेवा शुरू करने जा रहा है। 
विज्ञापन
टांडा मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा (टीएमसी) में स्वास्थ्य सेवाओं बड़ा सुधार होने जा रहा है। अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत के बाद अब संस्थान में एक और बड़ी सेवा शुरू करने जा रहा है। इसी माह 18 से 20 नवंबर के बीच टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोट-सहायता प्राप्त पहला रीनल ट्रांसप्लांट (किडनी प्रत्यारोपण) किए जाने की तैयारी चल रही है। टांडा में कुछ दिन पहले शुरू हुई रोबोटिक सर्जरी से अब तक लगभग 18 से 20 सफल सर्जरी हो चुकी हैं और अब इसी तकनीक का उपयोग करके प्रदेश में एक जटिल सर्जरी को अंजाम दिया जाएगा।

विज्ञापन


इस सजरी में छोटा चीरा लगाया जाता है और मरीज भी तेजी से रिकवर होता है। इस सुविधा के शुरू होने से चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, हमीरपुर और ऊना जिलों से किडनी फेलियर के मरीजों को महंगे इलाज के लिए चंडीगढ़, दिल्ली या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में अभी तक किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा मुख्य रूप से शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) और एम्स बिलासपुर जैसे प्रमुख संस्थानों में उपलब्ध रही है। टांडा मेडिकल कॉलेज में यह अत्याधुनिक सुविधा शुरू होने से प्रदेश के मध्य और निचले क्षेत्रों के लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।

रोबोटिक ट्रांसप्लांट के लाभ
रोबोट सहायता प्राप्त रीनल ट्रांसप्लांट सर्जरी एक न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया है। इसके कई लाभ हैं। इस तकनीक में पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में बहुत छोटे चीरे लगाए जाते हैं। छोटे चीरों के कारण मरीज को कम दर्द होता है और अस्पताल से एक सप्ताह में ही छुट्टी मिल जाती है, जिससे रिकवरी (स्वस्थ होना) जल्दी होती है। रोबोटिक भुजाओं की सटीकता के कारण सर्जरी में रक्त की हानि काफी कम होती है। रोबोटिक भुजाओं में लगे उपकरण मानव हाथों की तुलना में अधिक लचीले होते हैं और 3डी विजन प्रदान करते हैं, जिससे सर्जन को रक्त वाहिकाओं और मूत्रवाहिनी को नई किडनी से जोड़ने जैसे जटिल और सटीक कार्य करने में मदद मिलती है।
विज्ञापन

अभी एक माह पहले ही टांडा को अत्याधुनिक रोबोट प्राप्त हुआ था। अब इसका उपयोग डोनर की किडनी निकालने में भी किया जाएगा। टांडा में पहली बार रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से रीनल ट्रांसप्लांट किया जाना है। यह सर्जरी इसी माह की 18 और 20 तारीख को होने की संभावना है। -डॉ. मिलाप शर्मा, प्राचार्य, टांडा मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें